कठोर कदम – डाॅ संजु झा
विनिता आज की घटना से हतप्रभ -सी वेदना के महासागर में डूब गई।आज जो घर में घटित हुआ,उस अग्नि की तपिश में वह चारों बेटियों के साथ झुलसकर रह गई।पति के रौद्र रूप से उसके मन में दरक रही वेदना का बाॅंध अचानक से टूट पड़ा। ज़िन्दगी में पहली बार कठोर कदम उठाते हुए चारों … Read more