चाँद – गरिमा  जैन 

भाभी — कुछ तो खा लो। अब तो चांद निकल आया क्या तुमने कसम खा ली है कि भाई के हाथ से ही कुछ खाओगी? अरे कुछ नहीं तो पानी ही पी लो , तुम तो जानती हो भैया कितने लापरवाह हैं, उन्हें तो शायद याद भी नहीं होगा कि तुम पूरे दिन उनके लिए … Read more

अम्मा जी का पान – मधु मिश्रा

” अरे वाह सुधीर, तुम मज़े में हो भई! घर के खाने की तो बात ही कुछ और होती है..!” ऑफ़िस में सुधीर के टिफिन को देखकर बॉस ने कहा.. -” क्या हुआ सर, मैडम कहीं गईं हैं क्या..? ” सुधीर ने टिफिन खोलते हुए बॉस से कहा.. ” हाँ भई मैडम हमारी मायके गयी … Read more

जिस्म…। – स्मिता सिंह चौहान

मुझे सिखाएगी कि कैसे रहना है?साली …।”कहते हुए एक शरीफ से दिखने वाला आदमी जोर से चिल्लाकर  ,  एक  औरत के मुंह पर एक तमाचा कस देता है ।पास की दुकान मे खड़ी रूही उस नुक्कड की तरफ भागते हुए गई, जहा पर भीड तमाशबीन थी,और वो आदमी  जोर जोर से चिल्लाकर अपनी आवाज से … Read more

मैं शोक कैसे मनाऊँ – नीरजा कृष्णा

पिछले मास पहले उसके इकलौते भाई का सड़क दुर्घटना में देहावसान हो गया। परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था…बहुत चाह कर भी वो उस दुख की घड़ी में अपनी माँ और भाभी को ढाँढस बधाने नही जा पाई थी। उसी समय उसके चचेरे देवर की भी मृत्यु हो गई थी। चाची जी … Read more

हनीमून – नीरजा कृष्णा

ताई जी अपने प्यारे भतीजे कुणाल के विवाह में सम्मिलित नही हो पाई थीं। अब वो सबसे मिलने कुछ दिनों के लिए आई थीं…बहू सुकन्या से मिलने का विशेष चाव था। साथ ही देवरानी यशोदा भी बीमार थीं…एक पंथ दो काज…सोच कर वो चली आई थीं।   उन्हें सुकन्या का सान्निध्य बहुत अच्छा लग रहा … Read more

बड़ी बहू, बड़े भाग – नीरजा कृष्णा

आज बहुत दिनों के बाद उनको खूब खिलखिलाकर हँसते देख कर दिल बाग बाग हो गया। वो अपनी आत्मीया मित्र  से फ़ोन पर बहुत मगन होकर बात कर रही थीं।  हमारी ये  दीदी पीहर में भी सबसे बड़ी हैं और अपनी ससुराल में भी।   उम्र में तो बड़ी थी हीं, हर चीज़ में भी … Read more

श्राद्ध – डॉ आदर्श

नम्रता  पति दिवाकर के साथ आज मायके आई हुई है । श्राद्ध है माँ – बाबूजी का । पूरे सात बरस गुज़र गए । कुल 3 महीने का ही फ़र्क़ रहा ,पहले माँ पूरी हुईं और फिर बाबूजी । मन नहीं करता उसका यहाँ पैर रखने को । बचपन से लेकर कॉलेज तक के सारे … Read more

दवा-दारू – शालिनि दीक्षित

“पापा-पापा यह देखिए अपने घर में भी ड्रग है, टीवी वालों को पता चल गया तो हमको भी पकड़ कर ले जाएंगे………” छः साल का चिंटू परेशान सा अंदर से दौड़ाता हुआ आया और बोला। “ड्रग!!! कहाँ है?” विशाल ने आश्चर्य मिश्रित घबराहट में पूछा। “अभी दिखाता हूँ।” कह कर चिंटू अंदर भाग गया और … Read more

सोने की चूड़ियाँ – रश्मि स्थापक

” सोनल … बस मैं जो दे रही हूँ उसे चुपचाप रख लेना।” कहते हुए रजनी ने अपनी ननद सोनल को सुंदर डिब्बी में रखी चमचमाती हुई अपनी सासू माँ की सबसे फेवरेट सोने की चेन  थमा दी। ” अरे!यह क्या कर रही हैं आप?” कहते हुए सोनल ने पलंग पर लेटी हुई अपनी माँ … Read more

 चारों धाम घरवाली है ” -अनामिका प्रवीण

” सुनिए ! मोहित , “ ” हां कहिए मैडम ! आवाज़ में इतनी चाशनी कैसे आज ? सुनो की जगह सुनिए ! “ ” वो बात ऐसी है कि कल मेरे मम्मी पापा और रानो लकी आ रहे हैं । आप प्लीज उन्हें स्टेशन से लेकर आ जाना । मैंने उनका ट्रेन शेड्यूल आपको … Read more

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