मुस्कुराते नन्हें सपने – मीना माहेश्वरी
बचपन में जब भी मैं किसी को पुरस्कृत होते देखती तो मुझे बड़ा अच्छा लगता, मुझे हमेशा लगता की मैं जिस किसी काम को करूं, बढ़िया करूं, लोग मेरी भी तारीफ़ करें। मैं कहानियां पढ़ती,और अच्छे किरदारों से प्रभावित हो उनके जैसे बनने की कोशिश करती। ठीक से याद नही हैं ,शायद कक्षा चार मे … Read more