भ्रूण हत्या – प्रीती सक्सेना

मैं  डॉक्टर शोभा अपने शहर की जानी मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ हूं,, सुबह से शाम हो जाती है,, सारा दिन महिलाओं और उनके नन्हें नन्हें, बच्चों में ही निकल जाता है,, कितना अधिक कष्ट सहकर,, जन्म देती है एक मां,, मैं बच्चों का जन्म तो करवाती हूं,,, पर उस दर्द का अनुभव मुझे नहीं है,,, … Read more

दृश्यम, पाषाण होते रिश्ते,  –  रीमा ठाकुर  

नाइट डियुटी पर  एक हप्ते के लिए आज आरक्षी अजय  शर्मा .को भेजा गया था!  नयी चौकी पहला दिन, नयी जगह, नया अनुभव “ वैसे करने के लिए ज्यादा कुछ नही था!  पास ही  एक पुलिसकर्मी वहाँ के आसपास के बारे मे बता रहा था!  बहुत बडी चौकी न थी, वह छोटा सा कस्बा तहसील … Read more

राज – सुधा शर्मा

मम्मी आज सब्जी बहुत अच्छी बनी है। अच्छा… और ले लो। गौरी ने राजन को और सब्जी देने के लिए हाथ बढ़ाया ही था.. कि पड़ोस से आते हुये शोर ने उसके हाथ कुछ सेकंड के लिए थाम लिये। क्या हुआ हमेशा शांत रहने वाले यादव जी के घर में यह शोर कैसा?वह मन ही … Read more

गाँव चलेगा गंवार नहीं – अंजु अनंत

घर में मेरी शादी की बात चल रही थी, उम्र भी हो आई थी शादी की। वैसे तो हमारा पूरा परिवार गाँव में रहता है लेकिन पापा की नौकरी के कारण हम लोग हैदराबाद में रहते हैं। मुझे मेरे गाँव से बहुत लगाव है, अक्सर गर्मी की छुट्टियों में हम वहां जाते थे। भरा-पूरा परिवार … Read more

कन्या पूजन – डा.मधु आंधीवाल

आज  ठाकुर साहब की हवेली में बहुत चहल पहल थी । आज नवरात्रि का आखिरी दिन था । कन्या पूजन के बिना तो नवरात्रि के व्रत पूरे ही नहीं होते । ठाकुर साहब की हवेली में तो गांव के सब लोग लालियत रहते थे अपनी बच्चियों को भेजने के लिये । एक उत्सव सा मनाया … Read more

एक ठंडी रात – सुधा जैन

“स्माइल प्लीज” फोटोग्राफर ने दिवाकर, उसकी पत्नी सुजाता बेटे रेयांश और बहन नेहा से कहा । सभी मुस्कुराने  लगे और फोटो क्लिक हो गया ।उसके बाद फोटोग्राफर ने कहा” चलो अब आपका एक फैमिली फोटो हो जाए” नेहा फैमिली फ्रेम से दूर हो गई ….मैं सोचने लगा क्या बहन  फैमिली की फ्रेम में नहीं आती … Read more

सकून – रीटा मक्कड़

आज पूरी रात उसने आंखों में ही गुजार दी थी।   जब भोर के उजाले की किरणें खिड़की में से अंदर आती दिखी, और चिड़ियों के चहचहाने की आवाज कानों में पड़ी तब उसे सुबह होने का आभास हुआ। उठ कर जब मुँह धोने लगी तो शीशे में देखा आंखें सूजी पड़ी थी । आंखों … Read more

चक्रव्यूह – कंचन शुक्ला

सुहान और सुबानी की शादी हुई। तीन साल बीतते ही, ग्यारह महीने के सृजन का पिता बन गया, सुहान। आज उसे गोद में हँसाते खिलाते होटल में दाखिल हो रहा है। क्या नही था?? पर सुहान को लगता जैसे कुछ भी नही हो। पहली बार सुबानी को कॉलेज के उत्सव में देखा तो दिल दे … Read more

” ख्वाबों की सौगात ” – Inspirational Story In Hindi

 कॉलेज के सभी छात्र छात्राओं ने पिकनिक पर जाने का प्रोग्राम बनाया और सब साइकिल पर ही निकल पड़े, मौसम बहुत ही दिलकश था l सुनहरी धूप खिली हुई थी और इक्के दुक्के  बादल आसमान में तैर रहे थे l पिकनिक स्पाट बहुत ही खूबसूरत था l वहां पहुंचकर प्रकृति की गोद में बहुत ही … Read more

 वापसी – Short Story In Hindi 

जिस दिन से शिखा का जन्म हुआ था उसी दिन से उसके मम्मी पापा नें ठान लिया था कि हमलोगों की एक ही संतान हमारी फूल सी प्यारी बच्ची शिखा ही रहेगी । और उसी दिन से उसके मम्मी पापा का एक ही ख़्वाब था कि अपनी बिटिया को डाक्टर बनाएंगे ।        भगवान की … Read more

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