पगला बंदा – श्रीप्रकाश श्रीवास्तव
पगला बंदा को मुन्नीबाई से एकतरफा प्यार हो गया। प्यार तो प्यार भले ही एकतरफा क्यों न हो? सच्चे आशिक को अपनी माशूका की एक झलक ही काफी होती है। वह मुन्नीबाई की एक झलक के लिए ही प्यासा था। खबर लगती कि फंलाने गांव में मुन्नीबाई का नाच होने वाला है। वह बेचेैन हो … Read more