तुलसीदल – नीरजा कृष्णा
आज दीपू की गुलाबजामुन खाने की बहुत इच्छा हो रही थी। मन तो दादा जी का भी बहुत था पर संकोचवश चुप थे। शुगर की बीमारी के कारण मीठे पर बहुत कंट्रोल रहता था। आज दीपू के आग्रह पर दादी जी ने चौके में कमान कस ली थी। थोड़ी देर में पूजाघर में घंटी बजने … Read more