अपराध बोध – उमा वर्मा
अंधविश्वास को तोड़ती छोटी सी स्वरचित कहानी ।—- सुबह होते ही भाग दौड़ शुरू हो जाती है ।पति का नाश्ता, बच्चों की टिफ़िन,घर की साफ-सफाई सब कुछ तो जरूरी हो जाता है ।आज भी सारे काम खत्म करके चाय का कप लेकर बालकनी में बैठी ही थी कि पति चिल्लाए “” मेरे मोजे नहीं मिल … Read more