वो दबी मुड़ी रोटियां – नीरजा कृष्णा
आज उनके घर में कुछ मित्र रात्रिभोज के लिए आ रहे थे…सब तरह की तैयारियां की गई… रागिनी को इतना भागते दौड़ते देख कर पापा जी का मन भीग सा गया,”अरे बिटिया, तुम बहुत थक जाओगी… हर चीज़ घर में कहाँ तक बनाओगी… रूमाली रोटी…बटर नान और स्टफ्ड कुलचे बाहर से आ जाऐंगे… सब्जियां तुमलोग … Read more