वो बड़ी कोठी – गीतू महाजन
सारा घर शांत था… रात्रि का दूसरा पहर शुरु हो चुका था। सब सो रहे थे पर नीलिमा जी की आंखों से नींद कोसों दूर थी। अमूमन वह इस वक्त इस हवेलीनुमा घर में दो नौकरों के साथ ही रहती थी… पर आज उसके तीनों बच्चे आए हुए थे।पूरे घर में रौनक सी आ गई … Read more