हां हो गई हूं मैं स्वार्थी – मंजू ओमर
तुम इतनी स्वार्थी कैसे हो गई निशा।इस उम में जबकि मालती जी की ये हालत है , तुम उनको अकेला छोड़कर चली आई । तुम्हारा मन नहीं कांपा ये सोचकर कि उन पर क्या बीतेगी। निशा की बूढ़ी मौसी ने निशा से कहा। हां मौसी मैं हो गई हूं स्वार्थी,अब मेरा वहां क्या रह गया … Read more