“बाबुल की दुआऐं लेता जा – कुमुद मोहन
“सुनो सुनो राधा कहां हो भाई! कहते हुए महेश जी घर में घुसे” “क्यों चिल्ला रहे हो” पीछे से घर में घुसते हुए ताला खोलती राधा ने कहा! “कहां निकल गई थी?तुम्हें पता है ना कि मैं घर आऊं तो तुम मुझे घर में मिलनी चाहिए ,मुझे ये घर में ताला नहीं तुम चाहिए “!बताओ … Read more