अपने हुए पराए – खुशी

अमन और नमन दोनों भाई थे।अमन बड़ा था अच्छी पोजीशन पर था।नमन छोटा था थोड़ा चुलबुला शरारती था।उधर अमन मेहनती काम के प्रति समर्पित इसी कारण वो बहुत ही कम उम्र में बहुत ऊंची पोजीशन पर पहुंच गया।नमन ने भी बीकॉम और मार्केटिंग में mba किया और उसकी भी अच्छी नौकरी लग गई।

अब अमन के माता पिता रागिनी और नितिन चाहते थे कि अमन की शादी कर दे।लड़कियां देखी शीना पसंद आई और अमन की शादी हो गई।शीना शादी हो कर आई वो खुद tcs में थी।उसे अमन के घर का माहोल समझ नहीं आ रहा था।बाकी सब ठीक था ।

रागिनी भी एक स्कूल में अध्यापिका थी।सुबह वो चली जाती।घर में फुल टाइम मेड थी।पर नहीं आती तो काम होता उस पर नितिन का गुस्सा बहुत तेज था। शुरू के तीन महीने उसने उसी घर में बिताए पर फिर उसने अपना ऑफिस ज्वाइन करने की बात की।

इसलिए पुणे ट्रांसफर ले लिया पहले तो अमन ने मना किया पर शीना बोली मै जा रही हूं तुम यही रहो।मजबूरी में अमन को जाना पड़ा  रागिनी उदास हो गई पर नमन ने कहा मां वो अपनी पत्नी को अलग कैसे भेज सकता था। अमन को अपने माता पिता की घर की चिंता रहती पर शीना को ये सब पसंद नहीं था।

उसमें और अमन में झगड़ा होता ।शीना बोली अमन तुम्हारे मां बाप घर का राशन कपड़े खाना हर चीज का बिल तुम्हारे नाम भेज देते है क्या नमन की बीवी से सब सहन करेगी।शीना अपनी मां के घर चली गई।रागिनी और नितिन ने अमन को समझाया शीना ने शर्त रखी

कि मैं तभी आऊंगी जब तू मां बाप भाई भाई करना बंद करेगा।समझौते पर शीना घर आई अब जब शीना ऑफिस होती या  अमन बाहर होता तभी वो अपने घर बात करता।शीना कभी तीज त्यौहार या जन्म दिन पर ही बात करती।इधर नमन की भी शादी ठहर गई मजबूरी दुनियादारी के लिए शीना शादी में आई।

और 2 दिन बाद वो अपने मायके चली गई।अमन कुछ दिन रुका फिर चला गया।उधर नमन की शादी उसकी पसंद की लड़की पूजा से हुई वो भी स्कूल में कॉर्डिनेटर थी। सुबह,7:00 बजे जाती और 4 बजे आती।कुछ दिन तो सब ठीक था पर फिर पूजा को भी परेशानी होने लगे।

नितिन एक रुपया खर्च नहीं करता था।10 रुपए भी वो बच्चों से ही खर्च करवाता ।रागिनी मना भी करती पर नहीं उधर वो कही जाते तो कभी रागिनी और नमन भी चले जाते।पूजा भी इन सब बातों से चिढ़ने लगी थी। नमन पूजा के कहने में था तभी कोरोना आ गया इसलिए बिना मन  होते हुए क्योंकि शीना गर्भवती थी

इसलिए  उसे अमन के साथ  दिल्ली आना पड़ा बस यहां आते ही सब घर में थे।सबका ऑफिस और स्कूल शुरू हो जाता।रागिनी और पूजा की ऑनलाइन क्लासेज में तेज बोलने से ये तीनों डिस्टर्ब होते।उधर नमन मार्किटिंग में था।उसके काम पर बड़ा जोर पड़ा सैलरी पर भी उसने अमन से बात की अमन बोला

तू एक काम कर लाइन स्विच कर  it में ही आजा मै हेल्प कर दूंगा। नमन पढ़ने लगा और कुछ समय बाद उसने एक छोटी सी कंपनी ज्वाइन कर ली इस बात का भी बहुत बवाल मचा की मेरे भाई को तो नौकरी नहीं लगवाई और अपने भाई को लगवा दी। फिर नमन की शुरुआत थी पैसे भी कम मिलते थे

तो ज्यादा जिम्मेदारी अमन पर थी।घर का खर्चा सब इस बात से भी शीना चिढ़ गई बोली मै इसलिए नहीं आना चाहती थीं यहां मेहनत हम करे और उड़ाए ये सब तुम्हारा बाप कोई काम नहीं करता इतना पैसा इन्वेस्ट कर रखा है पर मजाल है कि खुद दो रूपये भी खर्च ले छोटा भाई दिखावे में नंबर वन सैलरी है 50000 पर हाथी पाल रखा है

200000 का क्योंकि बीवी ने कहा है बड़ी गाड़ी चाहिए।ये सिर्फ तुम्हे लूटना जानते हैं।अगर नमन की कम सैलरी है तो खर्च हाथ रोक कर करे और उसकी पत्नी भी घर खर्च में हिस्सा दे हमारी फैमिली भी तो अब बढ़ेगी।अमन का कोई दोस्त यार था नहीं सारा दिन ऑफिस घर मां बाप या फिर शीना।

शीना ने अपना पुणे में सोशल सर्कल अच्छा बनाया था यहां वो फिर अकेली।धीरे धीरे लॉकडाउन खुल रहा था।नमन और पूजा ने बाहर घूमने का प्रोग्राम बनाया उसने अमन से भी पूछा अमन बोला शीना का पूरा टाइम चल रहा है तो तुम जाओ।नमन ने अमन से कहा भाई कुछ पैसे दे दो मै वापिस कर दूंगा

अभी कम है मेरे पास अमन ने उसके अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर किए और एक होटल की बुकिंग भी करवा दी।वो लोग चले गए इधर शीना की तबीयत खराब हो गई और उसे एडमिट करवाया गया।वहां उसने बेटे को जन्म दिया।शीना ने अपनी मम्मी को बुला लिया उसकी मां रति आ गई

और उसने घर संभाल लिया अपनी बेटी को। शीना ने उसने पूछा तेरे देवर देवरानी कहा है शीना बोली घूमने गए है ये इतना बोरिंग है काम काम या फिर टीवी पर पिक्चर कोई सर्कल नहीं घर में रहो घर में रहो उस छोटे को देखो हर शनिवार इतवार बाहर होता है

यार दोस्त बीवी के साथ घूमना फिरना । बीवी को पैंपर करना मम्मी उसका कुछ खाने का मन होता हैं तो स्कूल तक देने चला जाता है।ये लोग मुझे समझ नहीं आते।सास ससुर है वो सारा दिन चिल्लाता रहता है और सास सारा दिन बेटों में घुसी रहती हैं

कही गलती से बाहर जाओ तो ये भी साथ चिपक लेते हैं आप बताओ मै क्या करूं।मां मुझे दोस्त बनाना घूमना फिरना अच्छा लगता है और इसे कुछ भी नहीं।रति बोली बेटा अभी शांत रह अपना जापा करवा और फिर तू पुणे जा मै आ जाओगी सीड को संभालने तू अपनी जिंदगी जी।

तीन महीने बीत गए किसी ना किसी चीज को लेकर कुछ ना कुछ होता।आज पूजा का बर्थडे था सब लोग डिनर पर गए उसके मम्मी पापा इनका पूरा परिवार और उसका भाई ।नमन ने पूजा को सॉलिटेयर रिंग गिफ्ट की।और कही से शीना को ये पता चल गया कि इसके लिए अमन ने fd तोड़ कर पैसा दिया था

और इनके घूमने के पैसे भी अमन ने दिए थे आज तो शीना का पारा चढ़ गया सब घर आए तो उसने सीड को रूम में सुलाया और बाहर आई बोली इस गधे को तुमने क्या समझ रखा है पैसा पैदा करने वाली मशीन मां कमाती हैं पिता के पास पैसा है पर वो कुछ नहीं खर्चता ये भाई दिखावे करने वाला तेरी औकात नहीं थी

और तू अपने भाई से कर्जा ले अपनी बीवी को घुमा फिरा रहा है उसका बर्थडे महंगे गिफ्ट दे रहा है। बहुत हुआ अब मै यहां नहीं रहूंगी।अमन तुम इनका करो और लूटो मै अपने बच्चे को लेकर जा रही हूं तुम्हे तलाक मिल जाएगा।सब ने समझाया पर आज शीना कुछ नहीं सुनना चाहती थी ।उसने सामान पैक किया कैब बुलाई और एयरपोर्ट चली गई।अमन अब रोता पर क्या हो सकता था।

कोर्ट केस फाइल हुआ पुणे वाला फ्लैट और एलुमनी में 20 ,00000 रूपये देने पड़े ।अमन टूट गया पर उसके घर वाले नहीं सुधरे मां बाप आज भी हर चीज के लिए अमन पर ही है नमन अभी भी अपने खर्चे नमन से मांगता हैं पर अमन टूट गया है ये कोई नहीं देखता ।

दूसरी शादी का रागिनी सोच रही है पर परेशानी तो वही रहेगी कि कब सब सुधरेंगे।अमन को भी सब को घूमता फिरता देखते हुए लगता हैं मैने ग़लत किया मेरा बेटा भी गया बीवी भी और सब खुश है ।नमन अपनी बीवी बेटे के साथ खुश है और रागिनी और  नितिन अपने में अमन बैंगलोर आ गया है।

शीना को एक दो बार सीड के लिए कॉल किया तो उसने साफ मना कर दिया जिन लोगों के लिए मेरा घर खराब किया उनके पास जाओ।

आज सब पराए हो गए जिनके लिए इतना कुछ किया सब अपने में मगन हैं।दोस्तो ऐसा होता है जो बच्चा जिम्मेदारी उठाता है उसको सब अपने मतलब के।लिए इस्तेमाल करते हैं आज अमन अकेला है घर उसका टूट गया जिन अपनों पर वो पैसा प्यार लुटाता रहा वो अपनी जिंदगी में मस्त हो गए।

स्वरचित कहानी 

आपकी सखी 

खुशी

error: Content is protected !!