अब और नहीं – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi
पूर्णिमा..!! इस गुलदस्ते पर धूल क्यों जमी हुई है? तुम आजकल कामकाज करना ही नहीं चाहती, सारा दिन क्या करती हो..? बस खाना बना दिया और खिला दिया इसके अलावा बताओ मुझे..? कुंतल पूर्णिमा पर बरस पड़ा। कुंतल ऑफिस से आने के बाद घर में घूम-घूम कर सब कुछ व्यवस्थित देखना चाहता और यदि थोड़ा … Read more