” अरे राहुल कहाँ जा रहा है भाभीजी को लेकर इस समय !” देवेन ने अपने दोस्त को रोकते हुए पूछा ।
” अरे यार एक डॉक्टर का पता लगा है जो गर्भ मे बच्चे की जांच करती है और अगर कुछ इधर उधर हो तो गर्भपात भी कर देती है तो बस तेरी भाभी को वही ले जा रहा !” राहुल बोला।
” इधर उधर मतलब !!” देवेन हैरानी से बोला।
” समझा कर यार इधर उधर मतलब लड़की हुई तो !” एक आँख दबा राहुल हँसते हुए बोला अंदर बैठी उसकी पत्नी के चेहरे पर देवेन ने पीड़ा को साफ महसूस किया।
” लड़की हुई तो क्या ..?? अरे बच्चा बच्चा है फिर वो लड़का हो या लड़की !” देवेन गुस्से मे बोला।
” नही यार हमारे घर मे पहला लड़का ही होता है क्योकि वही तो वंश चलाता है। ये रीत सदियों से चली आ रही है और आगे भी यही होगा !” राहुल बोला।
” भगवान से डर राहुल ये रीत नही है ये तुम लोगो का जुल्म है मासूमों पर और उनकी माँ पर । भगवान की लाठी मे आवाज़ नही होती पर जब वो पड़ती है ना तो सब तहस नहस हो जाता है । मासूमों को गर्भ मे मरवा तुम इसे सदियों से चली आ रही रीत बोल रहे जबकि वही मासूम आगे चलकर जननी बनती है
उनका नाश कहीं तुम्हारे वंश का नाश ना हो !” देवेन गुस्से मे बोला । इस बात पर दोनो की बहुत बहस हुई और दोनो की दोस्ती टूट गई।
ये सब देख जाने कैसे राहुल की पत्नी मे हिम्मत आई और वो किसी बहाने गाडी से उतरी और पुलिस को फोन कर दिया । पुलिस ने आकर राहुल और उस डॉक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया। राहुल की पत्नी ने उससे तलाक ले लिया । ये मामला इतना उछला की अब राहुल के घर मे कोई अपनी बेटी नही देता ।
जिस वंश के लिए राहुल के परिवार ने जाने कितनी मासूमों का खून किया वो वंश अब राहुल के साथ ही समाप्त हो जायेगा । अब उसके परिवार को पता लगा कि सच मे भगवान की लाठी बेआवाज़ होती है पर जब पड़ती है सब खत्म हो जाता है ।
संगीता अग्रवाल
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#भगवान की लाठी मे आवाज़ नही होती ।
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