टका-सा मुंह लेकर रह जाना – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

आज रंगोली के नए ऑफ़िस का पहला दिन था, बहुत खुश थी वो। जाकर सबसे मिली तो लगा, वाह सभी काफ़ी अनुभवी लोग हैं,उसे सीखने को काफी कुछ मिलेगा। बातूनी और चुलबुले स्वभाव के कारण वह जल्दी ही सबसे घुल मिल गई। उन पांच लोगों की टीम में उसकी दोस्ती सबसे हो गई थी,ऊपर से उसके कॉलेज का साथी सम्यक भी उसी टीम में था तो वह और निश्चिंत हो गई । लंच और ऑफिस समय के बाद भी कई बार दोनों साथ ही रहते।

इसी तरह तीन महीने बीत गए, पर पिछले कुछ दिनों से वह महसूस कर रही थी कि उसके आते ही ऑफिस के सहकर्मी मुस्कुराने लगते, तो कभी कानाफूसी शुरू कर देते। शुरू में उसने सब नजरअंदाज किया ।पर आज तो हद ही हो गई जब सहकर्मी साकार ने उससे कॉफी के लिए पूछा और उसके मना करने पर उसका जवाब था क्यों अभी मन नहीं भरा क्या सम्यक से? एक बार के लिए तो वह चौंक गई और उसके दिमाग में कोई जवाब ही नहीं आया, तभी बॉस आ गए और उसे चुप रहना ही ठीक लगा।

लंच के समय जब उसने सम्यक को यह बताया तो उसका कहना था कॉरपोरेट में इतना हंसी मज़ाक चलता है। तुम ज़्यादा मत सोचो। उसे बुरा तो लगा पर तभी कोई जरूरी कॉल आ गया और वह उठकर चली गई।वापिस लंच बॉक्स लेने आई तो देखा साकार ओर सम्यक लंच टेबल पर बातों में मशगूल थे। तभी उसने सम्यक को कहते सुना कि भाई अभी तो रंगोली का क्या, मेरा भी मन नहीं भरा है उससे। कॉलेज में उसका बॉयफ्रेंड कहता था, ग़ज़ब की चीज़ है।एक बार भाई को सेट करने दे फिर तू देख लेना और दोनों ज़ोर से हंसने लगे। 

एक बार को तो रंगोली को रोना ही आ गया कि जिस दोस्त पर उसने इतना भरोसा किया वह ऐसा सोचता है उसके बारे में। पर उसे लगा अब उसका खुद के लिए बोलना जरूरी है ।उसने वहीं जाकर कहा कि पर मेरा अब तुम दोनों से मन भर गया है और हां सम्यक सर आपके ऊपर से तो भरोसा भी उठ गया है तो बेहतर होगा आगे से आप मेरे बारे में गॉसिप करने से बचें वरना मुझे सख़्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा। 

सम्यक सकपका कर उसका हाथ पकड़ बोला,”यार हम तो मज़ाक कर रहे थे, तू तो मेरी कॉलेज फ्रैंड है न!”रंगोली ने मुस्कुरा कर हाथ झटककर कहा,”दोस्त तो छोड़िए अभी तो आप एक खुली मानसिकता वाले सहकर्मी के भी लायक नहीं हैं, सम्यक सर। और हां आगे से मेरी पर्सनल लाइफ पर कमेंट करने से पहले सोच लेना, मैं आपकी कॉलेज की हरकतें बताने पर आई तो आप कहीं मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे कि आपकी तो गर्लफ्रेंड भी कहती थी कि आप किसी काबिल नहीं हैं।”

यह कह रंगोली चल तो दी। जहां साकार और बाकि सहकर्मी खिलखिला रहे थे वहीं सम्यक टका-सा मुंह लेकर किंकर्तव्यविमूढ़ था।

ऋतु यादव 

रेवाड़ी (हरियाणा)

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