असमर्थ – सोनिया अग्रवाल

बीते कुछ  रोज पहले मेरी नानी  जी  (माया देवी) गुजर गई।  83 से 84 साल कुछ उम्र रही होगी। बहुत बीमार थी कई दिन से। न कुछ खाती थी ना ही पीती थी। तीन महीने से तो बिस्तर से भी नही उठ पाती थी। (उनके पति श्री रामलाल जी) मेरे नाना जी भी तकरीबन इसी … Read more

असमर्थ – डाॅ संजु झा

आयकर आयुक्त रोमी दफ्तर में अपने काम में  व्यस्त थी,उसी समय चपरासी ने आकर कहा -“मैडम! मोहित  नाम का कोई व्यक्ति आपसे मिलना चाहता है!” मोहित नाम सुनकर एक बार तो वह  असमंजस में आ गई, फिर उसने चपरासी से कहा -“उसे अंदर भेज दो।” जैसे ही मोहित ने उसे देखा,वह भी घबड़ा उठा।उसे उम्मीद … Read more

पचास वर्ष बाद :माँ बेटे का मिलन – लतिका पल्लवी 

 बुची की माँ कहा हो ? चलो जल्दी से नई बहू आ गईं है सभी तुम्हारा इंतजार कर रहे है। चलो चलकर अपनी पोता बहू को परीछ कर उतारो।ना बेटा ना मै नई बहुरिया के सामने नहीं जाउंगी। मै आज तुम्हारी एक भी बात नहीं सुनूंगा और ना ही मानूंगा। मै अब बच्चा नहीं रहा, … Read more

मां बाप की बद्दुआ से डरो बेटा – मंजू ओमर 

मां, मां कहां हो तुम इधर बाहर धूप में बैठी हूं । लो ये पेपर साइन कर दो पेंशन निकलवानी है।अरे बेटा हर बार मेरी पेंशन निकाल लेता है मुझे एक पैसा नहीं देता।बेटा मेरा भी तो कुछ खर्चा है।तुम्हारा क्या खर्चा है मां।मिल तो रहा है घर में खाने पीने को और रहने को … Read more

भरोसा – डाॅ उर्मिला सिन्हा

नीरज जल्दी जल्दी सीढ़ियां चढ़ने लगा। नियुक्ति का प्रथम दिन और कार्यालय पहुंचने  में देर हो गई ।बाॅस सहकर्मी उसके बारे में क्या सोचेंगे।   अचानक किसी से टक्कर हुआ और सामने वाला व्यक्ति सीढ़ियों से लुढ़कने लगा। नीरज उन्हें उठाने दौड़ा। उनका सिर फट गया था खून बह चला।   ” अरे, आप घबरायें नहीं मैं … Read more

बुढ़ापे में बेटा नहीं बहू सेवा करेगी – मंजू ओमर 

दरवाजे की घंटी बजती तो मीता ने दरवाजा खोला, देखा सामने उसकी सासू मां खड़ी थी। मीता बोली अरे मांजी आप हां बेटा,आइये अंदर आइए। कहां से आ रही है आप मीता ने निर्मला जी से पूछा ,मत पूछ बेटा और इतना कहकर रोने लगी। तभी मीता ने उन्हें चुप कराया और चाय नाश्ता लेकर … Read more

असहाय नहीं हूं – विमला गुगलानी

 राम लाल बाबू सुबह की सैर से वापिस आए, तो जोरों की भूख लगी हुई थी। बहू नमिता, बेटा अश्वनी और दोनों बच्चे किर्ती और निशांत सब जा चुके थे। उन्होंने अपनी चाबी से ताला खोला और अंदर आ गए। हाथ पैर धोकर जब रसोई में नाश्ता लेने गए तो चार सूखी सी रोटियां और … Read more

असमर्थ – सोनिया अग्रवाल 

बीते कुछ  रोज पहले मेरी नानी  जी  (माया देवी) गुजर गई।  83 से 84 साल कुछ उम्र रही होगी। बहुत बीमार थी कई दिन से। न कुछ खाती थी ना ही पीती थी। तीन महीने से तो बिस्तर से भी नही उठ पाती थी। (उनके पति श्री रामलाल जी) मेरे नाना जी भी तकरीबन इसी … Read more

मैं  असमर्थ नहीं हूं – हेमलता गुप्ता

मां. मैं सोच रहा था इस बार दिवाली पर पीछे के कमरे को सही करवा देते हैं और उसमें एक टीवी भी लगवा देते हैं! क्यों बेटा.. पीछे का कमरा तो हमारा स्टोर रूम है उसको सही करवाने की क्या जरूरत है वह तो अच्छा भला है वैसे भी हम उसमें सोते बैठते थोड़े हैं, … Read more

लोगों का काम है कहना… – उमा महाजन

  अपने घर के अंदर की सफाई समाप्त करने के पश्चात् पोर्च को साफ करने के लिए सविता अपने हाथ में पकड़े हुए वायपर से पूरी ताकत से पोर्च का पानी खींचती हुई जैसे ही गेट पर पहुंची कि उसे सामने से उनकी सोसायटी की पिछली गली में रहने वाली अपनी सखी रेखा आती दिखाई दी। … Read more

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