फूल चुभे कांटे बन – भाग 9 – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi
मधु रसोई से निकलकर अपने कमरे की ओर चल पड़ी वह मुस्कुराते हुए कमरे में जैसे दाखिल हुई उसने देखा सुरेश निशा का हाथ पकड़कर अपनी तरफ़ खींच रहे थे मधु को देखकर दोनों सकपका गए तभी निशा ने हंसते हुए कहा ” देखिए ना दीदी जीजाजी मेरा हाथ छोड़ ही नहीं रहें हैं मुझसे … Read more