पहला प्यार – डाॅ उर्मिला सिन्हा
शाम हो चली थी।सामने लंबे वृक्षों की घनी छाया सीधे पहाड़ी से नीचे उतर रही थी। घने लंबे पेड़ों झाड़ियों से आच्छादित वह स्थान मंडप सा प्रतीत होता था। ऊंची पहाड़ी से निकलती जल की धारा उछाल मार रही थी। गरिमा को यह डूबते सूर्य की पीली रौशनी, पेड़-पौधों का झुरमुट उसपर चहचहाते चिड़ियों का … Read more