माँ की भूल -लतिका पल्लवी :

 Moral Stories in Hindi समधन जी हमें माफ़ कर दीजिए। हम रमा को  समझाएँगे। आगे से आपसे वह इस तरह का व्यवहार नहीं करेगी। अरे! आप क्यों माफ़ी माँग रही है?आपने तो कुछ कहा नहीं है और रमा की गलती के लिए आप क्यों माफ़ी मांगेंगे?आप सही कह रही है समधन जी पर अब बिटिया … Read more

एक आंख से हंसे एक से रोवे – शुभ्रा बैनर्जी :

 Moral Stories in Hindi अमृता पापा की बहुत लाड़ली थी।पापा उसके नाज -नखरे उठाते रहे जिससे वह जिद्दी हो गई थी। बात-बात पर बगावत कर देती मां से।नकचढ़ी हो गई थी बहुत अमृता।काम काज में बहुत होशियार थी,पर करती अपने मन की थी।कॉलेज में सेकेंड इयर में थी,तभी एक अच्छा रिश्ता आया उसके लिए। लड़के … Read more

जाहिल – डोली पाठक :

 Moral Stories in Hindi काका ओ काका!! कहां हो?? अपनी पूरी ताकत लगा कर चिल्लाते हुए हर दिन मंगलू जब सुनिल के घर आता तो सरिता जल भून कर रह जाती…. आ गया… जाहिल.. ना बोलने की तमीज है और ना आवाज में कोई मिठास है इसके…. चीखते हुए आता है तो जी करता है … Read more

बिटिया का घर बसने दो – डोली पाठक :

 Moral Stories in Hindi 38 साल की कुंवारी बिटिया जिस घर में हो और माता-पिता उस बेटी के प्रेम में अंधे हों तो उस घर में बहूओं की स्थिति की कल्पना सहज हीं की जा सकती है… एक ऐसी बेटी की कहानी जिसके प्रेम में पागल हो कर माता-पिता ने उसका विवाह तक नहीं किया… … Read more

कहीं ये वो तो नहीं भाग -1 लतिका श्रीवास्तव

रात्रि की कालिमा विदा ले रही थी ।रात भर चांद के साथ गुफ्तगू होती रही । चांद विनम्रता से कालिमा को दूर जाने और रात्रि को आलोकित करने का आग्रह करता रहा ।कालिमा की हठधर्मिता ने कई बार चांद को भी अपना शिकार बनाने का क्रम निरंतर गतिमान रहा तभी सूरज के आने की आहट … Read more

खुशियों का असली तोहफ़ा – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

उदयपुर की पतली गलियों में, गुलमोहर के पेड़ों से ढकी एक कॉलोनी में अभय मेहता का घर था। अभय एक निजी कंपनी में मैनेजर थे और पत्नी संध्या के साथ रहते थे। उनकी बारह साल की बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। संध्या पड़ोस के एक स्कूल में गणित पढ़ाती थीं। पढ़ाने में सख़्त, लेकिन … Read more

प्यार की डोर – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” नहीं मां मैं अभी शादी नहीं करूंगी!” आराध्या अपनी मां गीता जी से बोली। ” अब नहीं तो कब करेगी पच्चीस की हो गई है लोग क्या कहेंगे जवान बेटी को घर में बैठा रखा है जिससे वो खर्चे चला सके घर के!” गीता जी दुखी हो बोली। ” मां ये लोग तब तो … Read more

 ‘वीर कभी मरते नहीं हैं – प्रतिभा भारद्वाज :  Moral Stories in Hindi

“मां इस बार दीपावली पर पापा जरूर आएंगे न” 5 साल का अमन अपने पिता की तस्वीर को हाथ में लिए हुए पास में बैठी अपनी मां से पूछता है। “हां बेटा इस बार तो जरूर आएंगे।” कहकर निधि सोच में डूब गयी कि इस बार देश की सीमा पर हालात ऐसे रहे कि डेढ़ … Read more

खत – संध्या त्रिपाठी : Short Story in Hindi

        वहां पर सब कुशल मंगल है ना सोहन के बापू ….?  इस महीने आपका खत नहीं आया …. पर मैं चिंतित नहीं हूं… आप भी चिंता मत कीजिएगा…. हमे पता है …मेरे …सोहन के बापू बिल्कुल ठीक होंगे …. और देश की रक्षा में व्यस्त होंगे….!     यहां हम और सोहन भी कुशल मंगल से है.. … Read more

लम्बी उम्र – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू :

क्या सचमुच अम्मा मजबूर हो जाती है बहुओं के आते ही ये सवाल सुनीता के मन में तब तक कौंधता रहा जब तक वो खुद सास नही बन गई। उसे याद है उस रोज की घटना जब वो पड़ोस वाली भाभी के घर में बैठी थीं और पड़ोसन से बतिया ही रही थी कि उनके … Read more

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