रोशनी का कर्ज
“रिश्तेदारों ने ताना मारा कि ‘निकम्मा बेटा बुढ़ापे में क्या सहारा बनेगा, इसे तो खुद पालना पड़ रहा है’। लेकिन जब पिता की आँखों की रोशनी छिनने लगी और अपनों ने ही घर गिरवी रखने की शर्त रख दी, तब उस ‘निकम्मे’ बेटे ने जो किया, उसे देखकर पूरे खानदान की आँखें फटी रह गईं… … Read more