जाहिल – डोली पाठक :
Moral Stories in Hindi काका ओ काका!! कहां हो?? अपनी पूरी ताकत लगा कर चिल्लाते हुए हर दिन मंगलू जब सुनिल के घर आता तो सरिता जल भून कर रह जाती…. आ गया… जाहिल.. ना बोलने की तमीज है और ना आवाज में कोई मिठास है इसके…. चीखते हुए आता है तो जी करता है … Read more