भला मायके का रास्ता भी कोई भूलता हैं क्या ?? – स्वाती जैन

अब , तु एक पल भी तेरे मायके में ठहरी तो मुझसे बुरा कोई ना होगा , सुरेश गुस्से में अपनी पत्नी राखी से बोला !! सुनिए जी , आप मेरे भाई की शादी में ऐसा कैसे कर सकते हैं राखी बोल ही रही थी कि सुरेश उसकी बात काटते हुए बोला  तू यहां अब … Read more

विश्वासघात-मनीषा सिंह

क्या कर रही है पुष्पा पागल तो नहीं हो गई•••? छोड़ मुन्ने को! हाथ बंधे होने के कारण असमर्थ सुनीता बेटे की जान संकट में देख चिल्ला उठी।  चुप कर ज्यादा शोर मचाएगी••? कहते हुए पुष्पा ने खंजर से मुन्ने के गले को धर से अलग कर दिया।  ऐसा देख सुनीता दहाड़ मारकर रोने लगी। … Read more

भाई तूने मेरा विश्वास तोड़ दिया – अर्चना खण्डेलवाल

अरे! वकील बाबू ये आप क्या कह रहे हैं? मेरा भाई ऐसा नहीं कर सकता है, वो तो बहुत अच्छा है, अपने बड़े भाई का सदा सम्मान करता है और वो मेरा भी हिस्सा ले लेगा, मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है, देवेश ने कहा। आप ये कागजात देख लीजिए, आपकी मां ने अपनी … Read more

ये स्वप्न नहीं हकीकत है – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह अलार्म की आवाज सुनकर अंजलि झटके से उठकर बिस्तर में बैठ गई पति ऑफिस से हफ्ते भर के लिए टूर पर गये हुए थे। अभी उसकी शादी को केवल तीन माह ही गुजरे थे। रात को सोने से पहले वो अलार्म लगाना कभी नहीं भूलती, क्योंकि जरा भी उठने में देर हुई नहीं कि … Read more

ये गवार मेरी मां हैं। – खुशी : Moral Stories in Hindi

रेवती एक छोटे से गांव में रहने वाली लड़की थी।6 भाई बहनों में 5 वे नंबर पर।2 भाई और 4 बहने ।रेवती को बचपन से ही पढ़ाई का शौक था। विज्ञान में खास रुचि थी।पिता थरूर और माता लक्ष्मी।थरूर की बहुत खेती थी और लकड़ी का कारखाना था। जिससे घर में पैसे की कोई कमी … Read more

गलत सलाह से माँ द्वारा बचाव – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

फोन की आवाज़ से महक की नींद खुली। वह उठकर फोन उठाने ही वाली थी कि तभी उसकी बेटी ने फोन उठा लिया। फोन उसकी बारह वर्षीय बेटी स्वीटी की दोस्त सोनम का था। यह जानकर महक ने फिर से आँखें मूँद ली तभी उसे सुनाई दिया की उसकी बेटी कह रही है कि सोनम … Read more

क़द्र – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

आनंदी , पिछले दो महीने से फ़ोन कर- करके थक गई, कहाँ रहती हो? एक बहुत ज़रूरी काम है तुमसे ……. ना तो फ़ोन उठाती और ना ही तुमने खुद फ़ोन किया …. सब ठीक तो है ना ?  कहाँ ठीक है, मेरी देवरानी गुज़र गई । अब दोनों बच्चे उसके ….सास- ससुर सबका मुझे … Read more

अपनी मर्ज़ी से – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  सात साल पहले गंगाराम काम की तलाश में अपने गाँव से मुंबई आया था।महीनों इधर-उधर भटका..भूखा-प्यासा फुटपाथ भी सोया, तब जाकर उसे फ़र्नीचर बनाने के एक कारखाने में काम मिला।धीरे-धीरे उसने अपने रहने के लिये जगह भी ले ली और अपने परिवार को भी ले आया।      सब कुछ अच्छा चल रहा था कि एक दिन … Read more

यह गंवार औरत मेरी मां है  –  हेमलता गुप्ता

बधाई हो, बेटा… अब तो तुम अपने ही शहर में वापस आ गई हो, अब हम मां-बेटी चाहे तो रोज भी मिल सकते हैं। पहले तो तुम हैदराबाद रहती थी, तो वहां तो हमारा जाना ही नहीं हो पता था। तेरे पापा के ऑफिस में जैसे छुट्टियाँ ही नहीं होती थीं।“अच्छा रहा, निखिल की कंपनी … Read more

विश्वासघात – रीतू गुप्ता : Moral Stories in Hindi

टी.वी. के हर चैनल पर कैप्टन रूद्र प्रताप की बहादुरी की ख़बरें छाई हुई थी । कैप्टन रूद्र और उनकी टीम ने जान की परवाह किये बिना चार आंतकवादी मार गिराए… इतना ही नहीं सभी बंधी बनाये लोगो को सुरक्षित लेकर आये … कैप्टन फिर अकेले भीड़ गए आंतकियों से .. कैप्टन ने फिर निभाया … Read more

error: Content is protected !!