“रिश्तों का रफू” – डॉ पारुल अग्रवाल
“दीवारों की सीलन छुपाने के लिए हम अक्सर उस पर नई पेंटिंग टांग देते हैं, लेकिन घर के बुजुर्ग वो कारीगर होते हैं जो पेंटिंग नहीं देखते, बल्कि दीवार की नमी को छूकर बता देते हैं कि नींव कहाँ से कमज़ोर हो रही है।” घर के हॉल में सुबह के नौ बजते ही युद्ध का … Read more