ये गंवार तुम्हारी मां है – मंजू ओमर

हेलो हेलो मां हां, हां बेटा कैसी है मां ठीक है ,और बेटा तू कैसा है कब आएगा तू ,कब से तेरे आने की राह देख रही हूं। बेटा बस जल्दी ही मिलूंगा मां, मां मैं शादी कर रहा हूं।दो दिन बाद मेरी शादी है बड़े होटल से । मां बस तुम तैयारी करके रखना … Read more

मंदाकिनी – बीना शुक्ला अवस्थी

आज मंदाकिनी एक अजीब सी खुशी और सन्तुष्टि अनुभव कर रही है। उसे ऐसा अनुभव हो रहा है कि उसने अपने जीवन भर के दुःखों, पीड़ा, तड़प और ऑसुओं का थोड़ा सा प्रतिकार ले लिया है।  कल गिरीश को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी है लेकिन उसका हृदय रो रहा होगा। उसके अपनो ने ही … Read more

रिटायरमेंट – हेमलता गुप्ता

जानकी… ऑफिस वाले कह रहे हैं बाबूजी अगले महीने रिटायर हो जाओगे तो घर में बैठकर भी क्या करोगे आप चाहो तो दोबारा यहां पर ही काम कर सकते हो अभी तो आप शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ हो, तो मैं सोच रहा था सही कह रहे हैं वह अभी तो मैं ऐसा … Read more

इंसानियत: कोई अपना सा – श्वेता अग्रवाल –

स्नेहा फटाफट सुबह के काम निपटाए जा रही थी| एक तो लॉक-डाउन की वजह से कामवाली भी नहीं आ रही थी ऊपर से पति मयंक का वर्क फ्रॉम होम, अंशुल की फरमाइशें और उसकी खुद की ऑनलाइन क्लासेस| सुबह के समय वह अच्छी खासी बिजी रहती थी। स्नेहा हाई स्कूल में मैथ्स की टीचर है … Read more

रिटायरमेंट – विनीता सिंह

आज सुबह का मौसम बडा सुहावना धीरे धीरे आसमान में से सूरज निकल रहा था। चारों ओर किरणों अपनी रोशनी फैला रही थी पक्षी की चहचहाहट की आवाज कानों में आ रही थी। एक बड़ा सा स्कूल तभी वहां एक पुरानी सी साइकिल लिए एक धोती कुर्ता और पैरों में चमडे की चप्पल पहन रखी … Read more

जैसी करनी वैसी भरनी – विमला गुगलानी

“ चाहत बहू, मेरा चशमा ठीक करवा ला बेटा, चार दिन से एक शीशे से पढ़ रही हूं, सिर दर्द होने लगता है”। बल्कि एक चशमा और ही बनवा दो, ताकि एक टूटे तो दूसरा काम आ जाए, सविता ने बड़े प्यार से बहू चाहत से कहा।       ओह माताजी, आपके काम ही खत्म नहीं होते, … Read more

आओ_जी_लें_जरा – सपना चन्द्रा

सूने से घर में पति-पत्नी के अलावा अब कोई नहीं था। खामोशी में लिपटी दरों-दीवार की चमकदार रंगत किसी काम की नहीं।कभी-कभी ऐसी खामोशी कि जिसे भेदना भी मुश्किल।दो जोड़ी आंखें किसी के आने की आस में रास्ते निहारते तो थे पर खुद को दिलासा देकर पलकें बंद भी कर लेते।दीवारों पर लगी तस्वीरें ही … Read more

सोन चिरैया – बंदना श्रीवास्तव

आज भी मुझे याद है रमा ने अपने  पति का परिचय मेरे कार पार्किंग में कराया था । “बंदना ,ही इज माई हसबैंड मिस्टर राज “मैंने औपचारिकता बस उनसे हाथ मिलाया और हेलो कहां । मिस्टर राज  ने एक हाथ में लैपटाप बैग पकड़ा हुआ था । दूसरी हाथ से  मुझसे हाथ मिलाते हुए हेलो … Read more

भाभी अब ना कहना की दीदी लालची है – बीना शर्मा

राखी जब से अपने मायके से आई थी तब से उसके मन को बेहद सुकून था। उसे अपने निर्णय पर बेहद गर्व महसूस हो रहा था उसने भले ही अपने हिस्से की जमीन अपने भाई के नाम करके गवां दी थी परंतु ऐसा करके उसने अपने भैया भाभी की नजरों में बेहद सम्मान पा लिया … Read more

आंतरिक खुशी ही सच्ची सफलता है – सुधा जैन

अपराजिता एक कस्बे में रहने वाली प्यारी सी लड़की है। भविष्य को लेकर उसके मन में बहुत सारे सपने हैं, चाहती है अच्छी पढ़ लिख कर जॉब करूं। अच्छा सा घर सजाऊं। प्यारे से जीवन साथी के साथ अपने सपनों को पूरा करू। इंजीनियरिंग करने के बाद मुंबई की आईटी कंपनी में उसका चयन हो … Read more

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