रिटायरमेंट – लक्ष्मी त्यागी

शाम का समय था ,चमनलाल जी ,के लिए फोन आया ,उन्होंने फोन उठाया ,दूसरी तरफ से उनके मित्र केशव लाल जी का फोन था, उलाहना देते हुए बोले -अरे यार! क्या कर रहे हो ?अभी तक यहाँ नहीं पहुंचे।  आ रहा हूँ ,कहते हुए उन्होंने तुरंत फोन रखा और बच्चों से बोले -जो कार्य मैंने … Read more

रिश्ते,अहकार से नहीं , त्याग और माफी से टिकते हैं। – लक्ष्मी त्यागी

रोहित ,आज बहुत गुस्से में था, उसे अपना बहुत ही अपमान लग रहा था। घर आते ही उसने, अपना सामान पटका, और चिल्लाते हुए बोला -अब मैं यह सब बर्दाश्त नहीं करूंगा,बर्दाश्त करने की भी हद होती है।   उसकी पत्नी नीता, कमरे में आई और उसने पूछा -क्या हुआ ? गुस्से से रोहित बोला -जब … Read more

फ्रेंडस एंड फैमिली ग्रुप- मनीषा सिंह 

“मां!आपकी रिटायरमेंट अगले महीने की अंतिम तारीख को है ना•••?  फोन पर कोमल अपनी मां दीपा जी जो “हाई स्कूल की प्रधानाचार्या” थीं उनसे बात कर रही थी।  हां बेटा! अगले महीने को ही है•• तुम लोगों को आना है! आओगे ना••? बिल्कुल मां! भगवान की दुआ से हमसब को ऐसा सौभाग्य देखने को मिलेगा … Read more

सीसीटीवी में बहू की खुली पोल !! – स्वाती जैंन

आप जैसी अनपढ़ , गवार औरत क्या पैसे बचाएगी ?? आपको अगर घर चलाना आता तो आज यह घर कहां से कहां पहुंच जाता ?? आज से घर के पैसो का सारा हिसाब मैं संभालूंगी फिर देखना आप कि घर चलाना किसे कहते है ?? रीटा अपनी सास गोदावरी जी से बोली !! गोदावरी जी … Read more

उम्र मात्र एक संख्या है! – प्रियंका सक्सेना

रविकांत सिन्हा आधिकारिक तौर पर आज 60 साल के हो चुके हैं और सरकारी सेवा से रिटायर हो गए हैं। उनके कार्यालय ने रविकांत जी के सम्मान में ऑफिस में रिटायरमेंट पार्टी आयोजित की। हॉल में रंग-बिरंगी लाइटें, फूलों की सजावट और ऑफिस के उनके कुछ यादगार चित्र लगे हुए हैं। सभी सहकर्मी और वरिष्ठ … Read more

संयम जरूरी है – विमला गुगलानी

सुबह के सात बजे होगें, शनिवार की सुबह, नीरजा चाय बनाने के लिए रसोई में गई ही थी कि मोबाईल बज उठा, देखा तो मिनी का फोन था, मिनी यानि की नीरजा और लोकेश की लाडली बेटी। इतनी सुबह फोन और वो भी शनिवार को, मिनी तो छुट्टी वाले दिन दस बजे से पहले बिस्तर … Read more

सही निर्णय – विभा गुप्ता

     ” दयाशंकर बाबू…दो महीने बाद आप रिटायर हो रहें हैं लेकिन हम चाहते हैं कि आप एक्सटेंशन लेकर कुछ साल और हमारे साथ काम करिए..।नयी पीढ़ी को और मुझे भी आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।” दफ़्तर के बड़े साहब अनिकेत वर्मा जी ने दयाशंकर बाबू से आग्रह किया तो वो तपाक-से बोले,” नहीं साहब..बहुत … Read more

माता की चौकी – श्वेता अग्रवाल

नेहा घर के दरवाज़े पर खड़ी रमन का इंतजार कर रही थी। जैसे ही रमन ऑफिस से घर आया, वह दौड़ती हुई उसके पास गई और मुस्कुराते हुए बोली “सुनो रमन, इस बार नवरात्रि पर गुरुजी हमारे ही घर रुकेंगे। नौ दिन की माता की चौकी यहीं लगेगी!” यह सुनते ही रमन उत्साह से बोला, … Read more

जीने की राह – बीना शर्मा

 कई दिनों से शकुंतला देवी को नींद में बुरे बुरे सपने दिखाई दे रहे थे। जिन्हें देखकर वे बेहद बेचैन हो गई थी। उन्हें सपने में बार-बार अपनी बेटी आत्महत्या करती दिखाई दे रही थी।  जब भी वे कनिका से फोन करके उससे उसकी कुशलता के बारे में पूछती तो कनिका हंसकर यही जवाब देती-‘मम्मी … Read more

मरुथल के काले गुलाब – रवीन्द्र कान्त त्यागी

बीसवीं शताब्दि साँझ के धुंधलके से होती हुई रात की गहरी स्याही में सिमटकर लुप्त हो गई थी और इक्कीसवीं सदी अपनी सुरमई किरणों से वसुधा को मानो एक नया सवेरा देने का लुभावना चुनावी वादा सा कर रही थी। इंजीनियर बनकर शानदार जिंदगी गुजारने का सपना तीन साल डिग्रियाँ बगल में दबाये शहर शहर … Read more

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