आप ही कहते थे ना *कभी भी किसी पर आंख बंद करके भरोसा मत करना* तो फिर आपने कैसे आंख बंद कर भरोसा कर लिया पापा एक लड़के की रोती हुई आवाज आई।
एक दम से किशन अपनी नींद से जगा और देखा वो एक बुरा सपना था।
किशन के बेटे राजीव को गुजरे हुए 1 साल हो गए थे, और वो उसके गम से बाहर नहीं निकल पाया था।
तभी वहां पर उनकी बीवी आई और पूछा सब ठीक तो है ना?
किशन बोला हां सब ठीक है बस राजीव की याद आ रही थी।
उसकी पत्नी शांत स्वर में बोली “राजीव यहां भी होगा वो खुश होगा तुम फिकर मत करो” ये बोल कर वो वहां से चली गई।
अगले दिन सुबह उठकर अपने काम के लिए रवाना हो गया। कुछ दिनों तक यही सिलसिला चला पर किशन को अब राजीव के वो ही सपने बार बार आने लग गए थे, तो वह एक दिन साइकैट्रिस्ट के पास गया तब उन्होंने किशन को बताया कि वो काफी समय से ऐसी दवाई खा रहे है जिसकी वजह से उनको ये सपने आ रहे है।
किशन उस समय इतना हैरान और हक्का बक्का रह गया था इसीलिए कुछ उसको समझ नहीं आ रहा था।
घर आने पर उसने कुछ नहीं बताया अपनी पत्नी को, और आराम करने अपने रूम में चला गया। काफी देर सोचने के बाद उसको अपनी पत्नी पर शक हुआ और उसने निर्णय लिया कि वो देखेगा कि उसका शक सही है या गलत।
उसने उस रात को अपनी पत्नी को बोला कि उसको राजीव दिख रहा है कमरे के अंदर। उसकी पत्नी बिना डरे बोली “तुम्हे बस वहम हो रहा है, राजीव को गए हुए एक साल हो चुका है।” किशन ने अपनी पत्नी के सामने पड़े शीशे में देखा कि वो हल्का सा मुस्कुरा रही थी।
अगले दिन जब वो दफ्तर के लिए जा रहा था तब उसने बोला कि उसकी दवाइयां खत्म हो गई है और नई बोतल लाने को बोला, ऐसे करके वो दफ्तर जाने की जगह उसने अपनी पत्नी का पीछा किया और देखा कि वो दवाइयां बदलती है, इससे उसका शक यकीन में बदल गया था।
उसकी सच्चाई बाहर लाने के लिए उसने एक तरीका सोचा और जो दवाइयां किशन खा रहा था अब वो उसके खाने में डाल कर अपनी पत्नी को देने लगा था।
एक महीने के अंदर उसको भी उस दवाई का नशा होने लगा था और उसको भ्रम होने लगा था। उसको हर जगह राजीव दिख रहा था। उसको बस राजीव के मुंह से यही सुनाई देता था “मां तुम्हारी वजह मेरी जान गई है” तुमने क्यों किया ऐसा?” यह उसके साथ काफी समय से हो रहा था और एक दिन उसने चिल्लाते हुए बोल दिया “बस बस बहुत हुआ, मैने तुम्हे अपनी जिंदगी से बहुत मुश्किल से निकला था, अब दुबारा तुम्हे मैं मेरी जिंदगी बर्बाद नहीं करने दूंगी समझे तुम”।
किशन जो बस इसी दिन का इंतजार कर रहा था कि कब उसकी पत्नी जुर्म कुबूल करे और वो पुलिस को दे कर आए।
किशन फिर एक दम से चिल्लाते हुए बोला “तुम्हारी बातों में आकर मैने अपने बेटे पर भरोसा नहीं किया, उस पर शक किया कि वो ड्रग्स का धंधा कर रहा है और तुमने अपने लालच के चलते अपने 15 साल के बेटे की हत्या करा दी। मुझे तो तुम्हे अपनी बीवी कहते हुए भी शर्म आती है। कोई इतना कैसे गिर सकता है। ये सब वो बोल ही रहा था कि उधर से पुलिस आ कर किशन की पत्नी को गिरफ्तार करके ले गई। बस अब उस घर में एक किशन था और उसका पछतावा था कि उसने अपने बेटे पर भरोसा नहीं किया।
लेखिका
तोषिका