झूठ दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सुनील बहुत तेज चिल्ला रहा था आंखें गुस्से में बहुत लाल हो चुकी थी चेहरा उखड़ गया था ।

तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए थे उन्हें ज्ञात नहीं हो रहा था कि सुनील इतनी जोर-जोर से क्यों चिल्ला रहा है ।

दूसरी ओर शिखा सुनील कि गुस्से को और बढ़ा रही थी बार-बार यही कह रही थी कि मुझे जो करना है मैं वही करूंगी।

 पीछे से सास मंजू ने आकर शिखा को रोकने की कोशिश की लेकिन शिखा करने को ही तैयार नहीं थी ।

सुनील और शिखा की शादी को लगभग 10 साल हो चुके थे लेकिन शिखा की समझदारी बिल्कुल भी नहीं थी।

 वह हमेशा जिद्द में रहती थी कि वह जो काम कर रही है बहुत अच्छा है उसे घूमने का और दिखावा करने का बहुत शौक था।

 सुनील की कमाई बहुत ज्यादा नहीं थी लेकिन बहुत मेहनत करता था पर उसकी किस्मत ही उसका साथ नहीं देती थी।

 थोड़ा बहुत जब भी कमाता था वह भी शिखा खर्च कर देती थी ।

शिखा की सास ने हमेशा समझाया कि शिखा अपने पति की कमाई के अनुसार ही तुम खर्च किया करो।

 लेकिन शिखा मानती ही नहीं थी जब भी किटी पार्टी होती थी कई पकवान बनाती थी और अच्छे से आवभगत करती थी।

 महंगी महंगी साड़ियां पहनना ज्वेलरी खरीदना उसकी आदत में आ गया था।

 किसी की बात नहीं मानती थी यह सब के कारण सुनील का बीपी हाई रहने लगा उसकी जिंदगी में हलचल मचने लगी।

 सुनील सीधा-साधा सच्चा ईमानदार आदमी था मेहनत बहुत करता था लेकिन नौकरी अच्छे से नहीं लग पा रही थी।

 जिसके कारण वह घर खर्चे में निकलना उसके लिए मुश्किल हो जाता था सास भी साथ में रहती थी।

 उनका भी दवाई का खर्च था एक दिन अचानक शिखा को एक पार्टी में जाना पड़ गया और उसने पार्टी के लिए 10000 की साड़ी खरीद ली ।

और घर में किसी को नहीं बताया सुनील ने कहा कि मैंने जो तुम्हें 10000 दिए थे वह पैसे मुझे वापस दे दो ।

मुझे बच्चों की फीस और शूज खरीदने हैं तब शिखा ने बताया कि  मैंने उससे साड़ी खरीद ली है।

 सुनील को बहुत गुस्सा आया और घर में लड़ाई झगड़ा शुरू हो गए शिखा ने कहा कि मैं तो कई बार कहा है कि तुम अच्छी नौकरी क्यों नहीं कर लेते हो।

 तब सुनील ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन शिखा नहीं समझ रही थी तब सास ने आकर शिखा से कहा कि तुम झूठी दिखावे में जिंदगी कब तक चलेगी।

 तुम यदि पति का साथ दोगी तो तुम भी सुखी रहोगी।

 यह बात शिखा को उस दिन नहीं समझ में आई पर एक दिन जब घर में आटा और दाल नहीं था।

 तब यह बात शिखा को समझ में आई और उसने घर से ही पिको फॉल करना शुरू किया ।

और धीरे-धीरे वह बुटीक में तब्दील हो गया शिखा की इस तरह से बदली हुई जिंदगी देखकर सबको बहुत आश्चर्य हुआ।

 और अब शिखा एक बहुत बढ़िया बुटीक चलाने लगी और घर में सुख समृद्धि वापस आ गई।

जहां पर आटा और दाल नहीं खरीद पा रहे थे अब एक घर खरीद लिया।

 सुनील और शिखा की मेहनत से आलीशान घर बन गया और बच्चे भी अच्छे पढ़ाई करके नौकरी पर लग गए।

 इसलिए हम सबको भी झूठ दिखावे से बचने के लिए कभी भी हमें गलत कदम या  दिखावे के चक्कर में पैसा खर्च नहीं करना चाहिए अपनी चादर को देखकर पैर फैलाना चाहिए।
विधि जैन

Leave a Comment

error: Content is protected !!