निकल जाओ अभी की अभी मेरे घर से , मुझे लगा था शादी के बाद तुम हमारे घर को बच्चों की किलकारियों से भर दोगी मगर नहीं मेरा सपना तो कभी साकार ही नहीं होगा , मुझे और मेरे घर को तुम जैसी बांझ औरत की कोई जरूरत नहीं, मेरी मां को भी तुम जैसी बांझ बहू नहीं चाहिए , वह भी यही चाहती हैं
कि तुम यहां से हमेशा के लिए चली जाओ ताकि मैं भी दूसरी शादी कर पाऊं , तुम तो मेरे घर का वंश नहीं बढ़ा पाई कम से कम कोई ओर होगी मेरे लिए जो मेरे घर का वंश आगे बढ़ा पाए नील तलाक के पेपर्स अपनी पत्नी राशि के मुँह पर मारते हुए बोला !
राशि यह सब सुनकर आवाक सी रह गई और रोते हुए बोली नील तुमने तो कहा था अगर मुझमें कोई कमी आ भी गई तो भी तुम मेरा साथ निभाओगे !
नील मुँह फेरते हुए बोला – कहने और करने में बहुत फर्क होता हैं राशि , वैसे भी काफी समय से मैं बहुत तनाव में था ! उस दिन डॉक्टर के गलत रिपोर्ट निकालने पर मैं अवसाद में चला गया था ! डॉक्टर की गलत रिपोर्ट के अनुसार मैं कभी बाप नहीं बन सकता था इसलिए मैंने तुमसे कहा था
कि अगर तुममें कोई कमी आ भी जाती तो भी मैं तुम्हें अपनाता मगर जैसे ही मुझे पता चला कि कमी मुझमें नहीं तुममें हैं मुझे यह कदम उठाना पड़ा ! वैसे भी अब मैं तुम्हारा बोझ क्यों उठाऊं ? तुम तो मुझे कभी बाप बनने का सुख भी नहीं दे सकती !
राशि यह सब सुन सन्न रह गई और बोली जब सभी को लगा था कि कमी मुझमें नहीं तुममें हैं तब मैं तो मजबुती से तुम्हारा साथ देने के लिए वहां खड़ी थी , बोलना तो दूर की बात हैं मेरे मन में तो दूसरी शादी का विचार तक नहीं आया ! मैंने तो बुरे वक्त में भी तुम्हारा साथ नहीं छोड़ा फिर तुम क्यों बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ रहे हो नील ?
तुम मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो ? राशि की आंखों से झरझर आंसू बहते जा रहे थे मगर नील को रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ रहा था , उसने राशि का हाथ खींचा और उसे अपने कमरे से बाहर निकालते हुए बोला तुम उस वक्त मेरा साथ दे रही थी क्योंकि तुम मुझ पर निर्भर थी लेकिन मैं तुम पर निर्भर नहीं !
तुम उस वक्त मुझे छोड़कर जाती तो तुम्हें अपना इंतजाम खुद देखना पड़ता इसलिए तुम मेरे साथ रहने के लिए मजबुर थी मगर मैं मजबुर नहीं हुं ! तुम्हारी मजबुरी हो या तुम्हारा स्वार्थ तुम ही जानो मगर मुझे अब तुम्हारी कोई जरूरत नहीं हैं इसलिए बेहतर होगा कि तुम मेरी जिंदगी से चली जाओ और मुड़कर भी वापस कभी इस घर की ओर मत देखना !
राशि से अब ओर अपमान सहन नहीं हो पा रहा था वह रुंधे गले से बोली ठीक हैं नील , मैं तुम्हारी जिंदगी से हमेशा के लिए चली जाती हुं , तुम खुशी खुशी दूसरी शादी कर लो लेकिन हां जब तुम्हारी पत्नी प्रेंग्नेंट होगी तो यह खुशखबरी सबसे पहले मुझे सुनाना !
मैं भी देखती हुं कि मेरी आत्मा को जलाकर तुम्हें पिता बनने का सुख कैसे मिलता हैं ? राशि ने जलती हुए नजरो से नील को घूरा और अपने कमरे में जाकर अपना सारा सामान पैक करने लगी ! नील दरवाजा पटककर वहां से बाहर चला गया , जल्द ही राशि ने नील को तलाक दे दिया ! तलाक मिलते ही नील ने दूसरी शादी कर ली ! शादी के बाद वह बहुत खुश था और उस घड़ी का इंतजार कर रहा था जब उसकी पत्नी जल्दी ही प्रेंग्नेंसी की खुशखबरी देगी !
धीरे धीरे समय बीतता गया और उनकी शादी को लगभग तीन साल हो चुके थे ! तीन साल बाद भी जब नील बाप ना बन पाया तो उसकी पत्नी जिद करने लगी कि चलो डॉक्टर के पास चलते हैं , मैं अपनी जाँच करवा चुकी हुं मुझमें कोई कमी नहीं हैं ,
एक बार तुम भी डॉक्टर से जाँच करवा लो ! नील बोला – मैं डॉक्टर से जाँच करवा चुका हुं मुझमें कोई कमी नहीं हैं , लगता हैं इस बार भी मेरी किस्मत फूटी हुई निकली हैं जो मुझे तुम मिली, तुम भी मुझे पिता बनने का सुख नहीं दे पाई ! नील की पत्नी माया बोली मुझमें भी कोई कमी नहीं हैं ,तुममें भी कोई कमी नहीं हैं तो फिर तुम डॉक्टर के पास क्यो नहीं चल रहे , डॉक्टर ने कहा हैं कि एक बार आप अपने पति को भी साथ ले आएँ ,
उनके चेकअप के बाद ही हम पुख्ता कर पाएंगे कि आगे क्या हो सकता हैं ! नील बोला- मुझे फिर से चेकअप कराने में कोई हर्ज नहीं चलो चेकअप करा लेते हैं ! तीन दिन बाद जब रिपोर्ट आई तो नील के होश उड़ गए क्योंकि रिपोर्ट में साफ साफ आया था कि कमी उसमें ही हैं ! नील को तो मानो जैसे झटका ही लग गया हो , उसे चक्कर आने लगे उसका सिर दर्द होने लगा
! इसके पहले भी जब वह राशि के साथ चेकअप कराने आया था कमी उसी की रिपोर्ट में आई थी और वह गहरे डिप्रेशन में चला गया था मगर राशि मजबुती से उसके साथ खड़ी थी और हमेशा उसे कहती तुम चिंता मत करो हम बच्चा गोद ले लेंगे लेकिन वह कहता था सबको पता चल जाएगा कमी मुझमें हैं , मैं किसी से नजरें नहीं मिला पाऊंगा तब राशि के ही कहने पर वे लोग दूसरे डॉक्टर के यहां चेकअप करने गए थे तब वहीं पता चला था
कि कमी उसमें नहीं राशि में हैं बस उसके बाद नील अकड़ में आ गया था और उसने राशि को तलाक दे दिया था ! आज फिर से रिपोर्ट उसके सामने थी जिसमें कमी भी उसी में थी , उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था वह सीधे राशि से मिलने उसके मायके पहुंचा वहां जाकर वह हक्का बक्का रह गया जब उसने देखा कि राशि एक बच्चे के साथ खेल रही हैं !
राशि की मांग में सिंदूर जगमगा रहा था ! उसी के बगल में एक आदमी बैठा था शायद वह राशि का पति था ! नील को सामने देख राशि ने घूरकर नील को देखा और बोली आ गए नील ! क्या कोई खुशखबरी सुनाने आए हो ? इनसे मिलो यह हैं मेरे पति आशीष और यह मेरा बेटा मोक्ष ! नील का तो यह सब देख दिमाग ही चकरा गया था ! नील बोला – यह सब क्या हो रहा है ? जब तुममें कमी थी तो तुम मां कैसे बन गई ?
राशि बोली – कमी कभी मुझमें थी ही नहीं नील , तुम्हें जब पता चला कि तुममें कमी हैं तो तुम गहरे डिप्रेशन में जाने लगे इसलिए मैं तुम्हें दूसरे डॉक्टर के पास ले गई , जहां से लौटते वक्त मैंने तुमसे कहा कि कमी मुझमें हैं और तुमने मान भी लिया और रिपोर्टस देखना भी जरूरी नहीं समझा ! मैंने सोचा था कि मैं बांझ होने का कलंक अपने उपर ले लूंगी जिससे तुम डिप्रेशन से बाहर निकल जाओगे ! क्या फर्क पड़ता है लोग मुझे बांझ समझेंगे तो भी कम से कम हम दोनों तो खुश रहेंगे लेकिन तुम तो इतने स्वार्थी निकले कि जैसे ही तुम्हें पता चला कि कमी मुझमें है तुमने तो मुझे ही छोड़ दिया तब मैंने सोचा कि जब तुम इतने स्वार्थी हो तो इस रिश्ते से बाहर निकलना ही अच्छा हैं फिर मैं जॉब करने लगी जहां मेरी मुलाकात आशीष से हुई ! आशीष ने मुझे प्रपोज किया तब मैंने आशीष को सारी सच्चाई बता दी कि मेरे साथ क्या क्या हुआ ?
फिर भी आशीष ने मेरा हाथ नहीं छोड़ा और आज देखो हम एक खुशहाल परिवार बन चुके हैं !
नील अंचभित होकर अपने घर वापस आ गया ! उसे बहुत बड़ा झटका लगा था एक तो इस बात का कि कमी उसमें हैं और दूसरा उसकी पत्नी माया ने अपना सारा सामान पैक कर रखा था ! नील को देखते ही वह गुस्से से बोली – मैं ऐसे आदमी के साथ नहीं रह सकती जो कभी पिता नहीं बन सकता , मुझे तुमसे तलाक चाहिए ! नील को ऐसे लगा मानो उसके किए सारे पुराने कर्म आज उसके सामने वापस आ खड़े हुए हो , उसने जो राशि को दुःख दिया था वहीं दुःख आज वह खुद महसूस कर रहा था ! वह बैठा सोचता ही रह गया और माया अपना सूटकेस लेकर वहां से निकल गई ! नील की जिंदगी एक तमाशा बनकर रह चुकी थी ! दूसरी पत्नी के चले जाने के बाद अब नील की जगहंसाई हो रही थी ! नील अब फिर से डिप्रेशन में चला गया था , अब उसमें ताकत नहीं बची थी अपने आप को एक ओर मौका देने की ! दूसरी तरफ राशि अपनी जिंदगी में बहुत खुश थी उसने कभी किसी का कुछ बिगाड़ा नहीं था इसलिए उसे इतना प्यारा पति और बच्चा मिला था ! नील इस बार अपने डिप्रेशन से अकेले ही झूंझ रहा था क्योंकि अब उसके साथ कोई नहीं था !
रिश्तों में दोष ढूंढने से पहले सच्चाई , धैर्य और इंसानियत को समझना जरूरी हैं ! जो लोग स्वार्थ, अहंकार और सामाजिक डर से अपनों को ठुकरा देते हैं वही लोग आगे चलकर जीवन में अकेले रह जाते हैं ! जबकि जो व्यक्ति कठिन समय में भी सच्चाई के साथ खड़ा रहता हैं और किसी का दिल नही दुखाता हैं अंततः जीवन में सम्मान , प्रेम व खुशियां वही पाता हैं !
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आपकी सहेली
स्वाती जैंन !