हां हो गई हूं मैं स्वार्थी – मंजू ओमर 

तुम इतनी स्वार्थी कैसे हो गई  निशा।इस उम में जबकि मालती जी की ये हालत है , तुम उनको अकेला छोड़कर चली आई । तुम्हारा मन नहीं कांपा ये सोचकर कि उन पर क्या बीतेगी। निशा की बूढ़ी मौसी ने निशा से कहा। हां मौसी मैं हो गई हूं स्वार्थी,अब मेरा वहां क्या रह गया … Read more

हा, हो गई हू मैं स्वार्थी… – तोषिका

“अरे दीपा जल्दी से मेरा टिफिन लेकर आओ, मुझे दफ्तर के लिए लेट हो रहा है।” रसोई घर में खड़ी दीपा को बाहर से दीपक की चिल्लाते हुए आवाज़ आई। तुरंत ही दीपा बाहर आई और टिफिन का डब्बा दीपक के हाथ में थमा दिया। तभी दीपक वहां से गुस्से में और अपने आप से … Read more

हां हो गई हूं मैं स्वार्थी – मीनाक्षी गुप्ता

नीलम ने चुपचाप चाय का कप मेज पर रखा और उन कागजों को देखा जो उसके पति संजय ने सामने फैला रखे थे। “नीलम, इन पेपर्स पर साइन कर दो। चिंटू का कनाडा का वीजा लग जाएगा और रिया की शादी भी तो धूमधाम से करनी है। आखिर यह जमीन हम साथ थोड़े ही ले … Read more

स्वार्थ या अभिमान – एम. पी. सिंह

नीता छोटी बहु बनकर ससुराल पहुंची, संयुक्त परिवार मैं पति नीरज के आलावा सास ससुर और जेठ जेठानी थे. नीरज एक पढ़ा लिखा सिविल इंजीनियर था और घर परिवार भी अच्छा था. नीता भी एक पढ़ी लिखी संस्कारी लड़की होने के साथ साथ ग्रह कार्य में दुक्ष थीं,  और आते ही घर में सबका दिल … Read more

स्वार्थी – खुशी

रागिनी अपने चार भाई बहनों में सबसे बड़ी थी।पिता जी बैंक में थे और मां गृहिणी अच्छा परिवार सब को एक दूसरे से प्यार था ।रागिनी बारहवीं में थी।उससे छोटा नवीन दसवीं में उससे छोटी रमा सातवीं में और सबसे छोटा हेमंत 2 में। दादा जी का अपना चार कमरों का मकान था जो पिताजी … Read more

हां मैं स्वार्थी हूं। – मधु वशिष्ठ

जी हां हो गई हूं मैं स्वार्थी इतना कहकर रीना अपनी बेटी श्रेया को पढाती रही। बाहर से गुस्से से भरी आवाजें आती रही। रसोई में भी  बर्तनों का बजना जारी था।      आइए आपको रीना के परिवार से मिलाऊं। रीना संयुक्त परिवार में थी जिसमें कि उसके दो देवर और दो ननदें थी। आम संयुक्त … Read more

error: Content is protected !!