हमें आपका आशीर्वाद चाहिए बस – मंजू ओमर

क्या हुआ जी आप इतने उदास क्यों बैठे हैं ,और ये नाश्ता भी नहीं किया अभी तक ठंडा हो रहा है । क्या सोच रहे हैं ।जगदीश जी ने एक बार पत्नी सुषमा की तरफ देखा और फिर नजरें झुका ली । क्या बात है आप कुछ परेशान हैं , कुछ बोलते क्यों नहीं।वो सुषमा … Read more

जेठानी देवरानी की साजिश – लतिका पल्लवी

स्वधा और वरुण दोनों ही एक ही कम्पनी मे काम करते थे। एक साथ काम करते करते उनमे पहले दोस्ती हुई फिर उनकी दोस्ती प्यार मे बदल गई। दोनों की जाति, धर्म और भाषा एक ही थी तो उन्होंने कभी सोचा ही नहीं कि हमारे विवाह मे कुछ बाधा आएगी। पहले से पता होता व्यवधान … Read more

हमें बस, आपका आशीर्वाद चाहिए। – लक्ष्मी त्यागी

बरसों पुरानी हवेली के आँगन में शाम की धूप, तिरछी होकर बिखर रही थी। पीली मद्धम रोशनी दीवारों पर पड़ते हुए घर की पुरानी खुशबू को फिर से जगा रही थी—अचार की महक, माँ के हाथों की चाय, और पापा की हँसी, जो अब घर में कम ही गूंजती थी। नीम का वह पुराना पेड़, … Read more

बस हमें आपका आशीर्वाद चाहिए.. – विधि जैन

देवी बहुत सुलझी हुई सुंदर और सुशील ग्रहणी थी देवी के मां-बाप बचपन में ही गुजर गए थे अपने मां के पास रहती थी मामा ने अच्छा लड़का देखकर जल्दी ही शादी कर दी थी।  जब ससुराल गई तो ससुराल में धीरे-धीरे काम करती थी..  बहु जल्दी से नाश्ता बनाकर लेकर आ जाओ ..देवी ने … Read more

अनोखा बंटवारा – अर्चना खण्डेलवाल

रितु आज मॉं और बाबूजी आ रहे हैं, उनकी पसंद का खाना बनाकर रख लेना, तीन बजे तक वो स्टेशन पहुंचेंगे, मैं तो ऑफिस में रहूंगा, तुम कैब से जाकर उन्हें ले आना। अरे! वो कोई छोटे बच्चे हैं, जो स्वयं नहीं आ सकते हैं, मैं उस वक्त बंटी को लेने जाऊंगी या उनको, रितु … Read more

हमें बस आपका आशीर्वाद चाहिए – करुणा मलिक 

अनु… माँ नहीं मानेंगी, पूरा घंटा हो गया यहाँ खड़े-खड़े । बस चलो … अब मैं तुम्हारी एक नहीं सुनूँगा ।  बस एक आख़िरी कोशिश…. मैं यहीं रूकती हूँ तुम अंदर जाकर माँ से मिलकर आओ । क्या पता , तुम्हें देखकर उनका ग़ुस्सा शांत हो जाए , प्लीज़ मना मत करना । साहिल जानता … Read more

हमें बस आपका आशीर्वाद चाहिए – मधु वशिष्ठ

अरुण और तरुण माता जी के दोनों बेटों का घर साथ साथ ही था। ननद लीला भी सोनीपत में ही रहती थी| अरुण दिल्ली में कोर्ट में नौकरी करता था और सुधा भी दिल्ली के ही स्कूल में टीचर थी। वह सोनीपत से ही रोजाना दिल्ली जाती थी। स्कूल समय पर पहुंचने के उद्देश्य से … Read more

हमे बस आपका आशीर्वाद चाहिए – विनीता सिंह

एक गांव के ए्क मध्यवर्गीय किसान राजकुमार की है वह खेती करते लेकिन उनके मन एक दुख था की वह ज्यादा पढे लिखे नहीं है लेकिन उनके दिल की इच्छा की वह अपने बच्चों को पढ़ाने शहर भेजे। राजकुमार जी और संध्या जी की दो संताने हैं उनका एक बेटा अनिल और  आरती दोनों बच्चों … Read more

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