अहंकार – रश्मि प्रकाश
“यह क्या कर दिया तुमने बिमला? तुम्हें अकल नहीं है? यह मेरी ‘इंपोर्टेड’ क्रॉकरी थी। जानती हो इसकी कीमत क्या है? तुम्हारी साल भर की तनख्वाह भी कम पड़ जाएगी इसे खरीदने में!” काव्या की चीख से पूरा घर गूँज उठा। हॉल में सन्नाटा पसर गया। कांच के बारीक टुकड़े फर्श पर बिखरे हुए थे … Read more