विधी का विधान कभी नहीं टलता – मंजू ओमर
मांजी ओ मांजी लो खाना खा लो ।कमला के जोर से आवाज देने पर सुनैना जी की तन्द्रा टूटी ।अरे हां कमला क्या हुआ क्यों आवाज दे रही है । कहां खोई हुई है आप सुन ही नहीं रही है अब से आवाज दे रही हूं। खाना लाई हूं आपके लिए ,अरे रख दे अभी … Read more