विधी का विधान कभी नहीं टलता – मंजू ओमर 

मांजी ओ मांजी लो खाना खा लो ।कमला के जोर से आवाज देने पर सुनैना जी की तन्द्रा टूटी ।अरे हां कमला क्या हुआ क्यों आवाज दे रही है । कहां खोई हुई है आप सुन ही नहीं रही है अब से आवाज दे रही हूं। खाना लाई हूं आपके लिए ,अरे रख दे अभी … Read more

विधि का विधान – खुशी

आलेख आलेख मुझे छोड़ कर मत जाओ चिल्लाते चिल्लाते रूही नींद से जागी।मां आलेख कहा है क्या वो आज भी नहीं आया।राम जी बोले श्री क्या हुआ कुछ नहीं आज फिर रूही आलेख के नाम से चिल्ला रही है।बात भी तो बड़ी है अपनी रूही कितनी खुश थी आलेख के साथ शादी तय होने पर … Read more

संस्कार पर सवाल – रेखा जैन

“आपने अपनी बेटी को कुछ संस्कार नहीं दिए है!” आद्या के ससुर की कड़कती हुई आवाज फोन पर गूंजी। “समधी जी ऐसी क्या बात हो गई कि सुबह सुबह आप नाराज हो रहे है?” आद्या के पापा उसके ससुर को शांत करने की गरज से बोले। “कल हम आपकी बेटी को मिलने आए थे और … Read more

*कुछ घंटे पहले* – तोषिका

मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया आपने भगवान। क्या गलती कर दी ऐसे की आपने ऐसी सजा दे दी। सीमा चिला चिला कर हॉस्पिटल में स्थापित मूर्ति के आगे रो रो कर पूछ रही थी, तभी वहां पर उसके पिता आए और अपने आंखों से अश्रु पूछते हुए बोले *विधि का विधान कोई टाल नहीं … Read more

विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता – सीमा सिंघी

आज राधिका भरे पूरे परिवार के बावजूद अपने स्वभाव और व्यवहार की वजह से बिल्कुल अकेली पड़ गई थी। सामने मधुकर जी बीमार अवस्था में अकेले बिस्तर पर लेटे-लेटे अपनी पत्नी राधिका जी से कहे जा रहे थे। राधिका आज तुम्हारी वजह से मेरे इतने भाई बहनों के होते हुए,मेरे इतने बड़े परिवार के होते … Read more

विधि का विधान कोई नहीं टाल सकता – संजय सिंह

आज मास्टर जी विद्यालय से वापस आकर ,अपने घर के बरामदे में चाय का कप लेकर बैठे थे ।चाय को खत्म करके, एकाएक घर की तरफ कुर्सी को घूमाकर सारे घर को ध्यानपूर्वक निहारने लगे और एक-एक करके अपने अतीत को याद करने लगे ।पहला चेहरा माता-पिता का उनकी आंखों के सामने आया। माता-पिता का … Read more

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