विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता – सीमा सिंघी

आज राधिका भरे पूरे परिवार के बावजूद अपने स्वभाव और व्यवहार की वजह से बिल्कुल अकेली पड़ गई थी। सामने मधुकर जी बीमार अवस्था में अकेले बिस्तर पर लेटे-लेटे अपनी पत्नी राधिका जी से कहे जा रहे थे। राधिका आज तुम्हारी वजह से मेरे इतने भाई बहनों के होते हुए,मेरे इतने बड़े परिवार के होते … Read more

विधि का विधान कोई नहीं टाल सकता – संजय सिंह

आज मास्टर जी विद्यालय से वापस आकर ,अपने घर के बरामदे में चाय का कप लेकर बैठे थे ।चाय को खत्म करके, एकाएक घर की तरफ कुर्सी को घूमाकर सारे घर को ध्यानपूर्वक निहारने लगे और एक-एक करके अपने अतीत को याद करने लगे ।पहला चेहरा माता-पिता का उनकी आंखों के सामने आया। माता-पिता का … Read more

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