रिश्ते अहंकार से नहीं, त्याग और माफ़ी से टिकते हैं – संध्या सिन्हा

क्या कहा आपने…।  चिंटू की शादी में चाचा के घर जाना है… आप भूल गई माँ… ये वही  चिंटू है… जिसे आप अपना छोटा बेटा मानती थी और ये वही चाचा है जो… उस एक्सीडेंट में दीदी के ससुर से पैसे माँग रहे थे…कि… अनु आपकी भी कुछ लगती है!” “ जाने दो बेटा… ये … Read more

रिश्ते अहंकार से नहीं त्याग और माफी पर टिकते हैं – विनीता सिंह 

गांव में एक बड़ी सी हवेली थी उस हवेली के मालिक सेठ मूलचंद जी थे। उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी, उनकी एक छोटी सी बच्ची जिसका नाम मीनाक्षी था जिसे सेठ जी ने बड़े लाड़ प्यार से पाला था उन्होंने अपनी दूसरी शादी भी नहीं की उनकी बेटी को कोई सौतेली मां परेशान ना … Read more

error: Content is protected !!