*रिश्ते अधिकार से नहीं, करुणा से निभते है* – तोषिका
डॉक्टर साहब जल्दी आएं यहाँ पर, इनका हादसा होगया है और इनको इलाज की सख्त जरूरत है। परेशान रामू ने बोला। *आज का दिन* मैं कहा हू? कोई मुझे बताएगा कि मैं यहाँ कैसे आया? सर पकड़ते हुए एक आदमी ने दर्द भरी आवाज में पूछा। आस पास के सब लोग उसको देख रहे थे … Read more