घर बचाना है तो अहंकार छोटा कर बहू – नीलम गुप्ता 

निखिल ने निशा को एक शादी में देखा था लंबी छर हरी सांवली सलोनी निशा की बड़ी-बड़ी शर्मीली आंखों ने उसे जैसे सम्मोहित कर लिया। पूरे समय वह उसे ही देखता रहा और अवसर पाते ही बोला -हेलो मिस ब्यूटीफुल ! क्या मैं आपका नाम जान सकता हूं? निशा ने हैरानी से उसे देखा और … Read more

घर बचाना है तो अहंकार छोटा कर बहू – नीलम गुप्ता 

निखिल ने निशा को एक शादी में देखा था लंबी छर हरी सांवली सलोनी निशा की बड़ी-बड़ी शर्मीली आंखों ने उसे जैसे सम्मोहित कर लिया। पूरे समय वह उसे ही देखता रहा और अवसर पाते ही बोला -हेलो मिस ब्यूटीफुल ! क्या मैं आपका नाम जान सकता हूं? निशा ने हैरानी से उसे देखा और … Read more

सोने की मोहर – शुभ्रा बैनर्जी 

“मैं अब नहीं रहने वाली यहां।सारा दिन खटती रहती हूं,फिर भी मन नहीं भरता आपके बेटे का।रोज -रोज खाने को लेकर चिक-चिक,हद है।हर बात में तैयार रहता है आपका बेटा लड़ने को।क्या कभी मैंने अपने दायित्वों से मुंह मोड़ा है?कभी भी आप लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया है?ससुराल में सब अपनी सास से परेशान … Read more

अहंकार छोटा कर बहु – मधु वशिष्ठ

    घर बचाना है तो अहंकार छोटा कर बहु, माधवी जी मैं बड़ी बहू सुजाता को डांटते हुए बोला परंतु आज  सुजाता कुछ सुनना ही नहीं चाहती थी। उसने भी अपनी पूरी आवाज बढ़ाते हुए कहा यह अहंकार नहीं आत्मसम्मान है। आज आप केवल रीना की आए दहेज के सामान के कारण ही उसकी हर गलतियों … Read more

अहंकार – खुशी

प्रिया एक पढ़ी लिखी लड़की थी जो आत्मविश्वासी थी ।एक बड़ी आईटी कंपनी में मैनेजर थी ।घर में मां आराधना और पापा मयंक थे।मयंक घर जमाई थे क्योंकि आराधना के पापा का बहुत बड़ा बिज़नेस था और आराधना उनकी इकलौती बेटी थी जो मयंक के साथ पढ़ती थी और वो मयंक को पसंद करती थी। … Read more

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