किस्मत वाली – उमा वर्मा

सुनीता ने अपने बेटे का ब्याह कर दिया ।कल रात को ही स्वागत समारोह था।खूब अच्छी तरह तैयारी कर ली थी ।लेकिन वह फूली नहीं  समा रही थी जब लोगों ने कहा “कहाँ से लाए ऐसी गुलाब की कली “सचमुच वह बहुत खुश थी।बहुत ही सुन्दर और शालीन बहू के रूप में उसे गौरी मिली … Read more

संघर्ष की तपिश – डॉ बीना कुण्डलिया 

रिमझिम अपने पिता बंशी के साथ रोज खेतों पर जाती क्योंकि आजकल उसके स्कूल की छुट्टियां चल रही थी। वो पिता बंशी की लाडली बिटिया थी। उसके आँखों का तारा थी । उसकी मां तो उसे बचपन में ही छोड़ ईश्वर को प्यारी हो गई थी। पिता ने दूसरी शादी नहीं की वो नहीं चाहते … Read more

किस्मत – खुशी

नवीन वर्ष की शुभ कामनाएं उम्मीद करती हूं कि इस वर्ष भी आप सभी मेरी कहानियों को प्रेम देंगे और कोई त्रुटि हो तो क्षमा करेंगे। किशोरी लाल तीन भाइयों का इकलौता भाई था।मां शमा और पिता गुलज़ारी लाल ऐसा परिवार था।गुलज़ारी लाल की परचून की दुकान थी और किशोरी भी बाप की दुकान ही … Read more

किस्मत वाली – रंजना गुप्ता

सीमा चंदनपुर गाँव के सरकारी स्कूल में अध्यापिका बनकर आयी है और गाँव वाले उसका फूलों के हार पहना कर स्वागत कर रहे हैं। उसकी आँखों से आँसू छलकते हैं और होठों पर मुस्कुरुहट। कभी वह इसी स्कूल की छात्रा थी। सब लोग उस पर फूलों की वर्षा कर रहे हैं और तालियाँ बजा रहे … Read more

किस्मतवाली – डाॅ संजु झा

रामलाल   नैना को बेखौफ नन्हें -नन्हें कदमों से ऑंगन में  चहलकदमी करते हुए देखकर सोचते हैं -“किस्मत के खेल भी निराले हैं।कभी एक संतान के लिए पति-पत्नी तरसते थे,आज दो-दो बेटियों से हमारा जीवन गुलजार है!”  रामलाल खुद को भाग्यशाली समझें या बेटियों को किस्मतवाली उनकी समझ से परे है!जिस प्रकार एक नवजात पक्षी अपने … Read more

किस्मत वाली – के आर अमित

क़िस्मत के खेल की ऐसी कहानी जिसपर भरोसा करना  तो मुश्किल है मगर ये बिल्कुल हुआ एक छोटे से गांव में। कहते हैं न कि समय और किस्मत कब बदल जाए किसी को नही पता इसलिए किस्मत को आजमाते रहना चाहिए। हिमाचल की पहाड़ियों के बीच बसा है छोटा सा गांव धारकोट। चारों ओर देवदार … Read more

साथ चलोगे – संजय मृदुल

सुनो! तुम कुछ कहना चाहते हो? रुचि ने अंशुल को रोक कर कहा। अंशुल हतप्रभ खड़ा रह गया, समझ नही आया क्या जवाब दे, क्या कहे? पूरे छः साल के बाद ये पूछा था रुचि ने। अंशुल को असमंजस में देख कर रुचि ने ही कहा, शाम को मिल सकते हो, वहीँ? जी जरूर। इतना … Read more

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