एक अनोखा रिश्ता – मंजू ओमर

यह क्या निमिषा तुम फिर रो  रही हो ,कैसे चलेगा यह सब तुम रोज-रोज अपनी मम्मी पापा के घर चली जाती हो   घर कैसे संभालेगा । सारी चीजें अस्त व्यस्त  हो जाती है  तुम्हारे न होने  पर। अपनी जिम्मेदारी को समझों  निमिषा मेरा ऑफिस है  छोटा सा अर्जुन है ,और मम्मी पापा है अभी … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी  – सीमा सिंघी

अचानक निखिल की गाड़ी मोड पर रुकते ही उसे एक मासूम बच्चे की आवाज सुनाई दी। बाबूजी यह फूल का गुच्छा ले लो। आप मैडम जी के जुड़े में लगा देना। देखो कितने सुंदर फूल है। मैं सच कहती हूं,उन पर बहुत खिलेंगे। न जाने क्यों निखिल न चाहते हुए भी उस मासूम की आवाज … Read more

एक अनाम रिश्ता – शिव कुमारी शुक्ला 

वीना शुक्ला को अभी इस विद्यालय में स्थानांतरित होकर आए दो सप्ताह ही हुए थे किन्तु इतने कम समय में ही उन्होंने नोटिस किया कि कक्षा नौवीं सी की छात्रा सुमन अन्य छात्राओं से कुछ अलग- थलग रहती है।वह ना किसी से बोलती है और ना ही किसी के पास बैठती है।वह चुपचाप गुमसुम सी … Read more

कुछ रिश्ते खून के रिश्तों से बड़े होते हैं – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’

 आज 5 दिन बाद अस्पताल से विनय बाबू को छुट्टी मिलने वाली थी…इन दिनों में उनके साथ लगातार उनकी पत्नी सरला जी ही रहीं वरना कुछ परिचित लोग तो औपचारिकतावश उनसे मिलने आते और हालचाल पूछकर चले जाते। अस्पताल भी घर से दूर था तो कामवाली से भी किसी मदद की उम्मीद नहीं थी अतः … Read more

अनाम रिश्ता – बालेश्वर गुप्ता 

  मुन्ना-मुन्ना, अरे आज तू चाय पीने नहीं गया, क्या हुआ तुझे,तेरी तबीयत तो ठीक है ना?           कुछ नहीं आंटी, ऐसे ही सर  दर्द कर रहा था,उठने को मन ही नही कर रहा था.          देख मैं तेरे लिये चाय और टोस्ट ले आयी हूं. तू चाय पी ले मुन्ना,मैं तुझे सेरिडान की गोली ला कर देती … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी – दीपा माथुर

जो पेड़ नई कोपलों का स्वागत नहीं करते वे ठूठ हो जाते है अम्मा ने हसते हुए विभु को कहा। अम्मा का ८४ का बसंत पार हो रहा था। चाहे मुंह में दांत हो ना हो अम्मा हमेशा हर काम जोश से करती थी। हा अब काम की स्पीड में कमी हो गई थी पर … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी… – तोशिका

मैं कई बार सोचती हूं कि अगर मैं उसको ऐसे बोलती तो शायद आज हमारा रिश्ता ऐसा होता। मैने और मेरी दोस्त रानी ने एक नया क्लब ज्वाइन किया था यही कुछ पांच महीने पहले। वहां का माहौल बहुत उत्सुकता से भरा हुआ था और कई लोगों से हमने बात भी की और उनके बारे … Read more

भाभी का सम्मान – लतिका पल्लवी

रिश्ते बनाए नहीं जाते है बन जाते है और जो रिश्ता दिल से बन जाता है सही मायने मे वही रिश्ता होता है और वही रिश्ता सही से निभता भी है। आज मै आपको एक ननद -भाभी के रिश्ते की कहानी सुनाती हूँ जो थोड़ा फंतासी लगेगा पर सच के बहुत ही करीब है। बस … Read more

साथ का रिश्ता – शुभ्रा बैनर्जी

हां सास है वे मेरी,मां नहीं।बहू हूं मैं पर बेटी नहीं।ना उन्होंने मुझे जन्म दिया,ना मैं उनकी गोद में खेली।आज पैंतीस सालों से लगातार साथ रहते-रहते हम ,सास-बहू के बीच एक अनोखा  रिश्ता बन‌ चुका है।यह रिश्तों का बंधन दुनिया को समझ नहीं आता,क्योंकि यह खून का नहीं। पैंतीस साल पहले इस घर में अपने … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी ! – नीलम गुप्ता

जब हमारा यह मकान बन रहा था तो मैं अक्सर यहां आती रहती थी यह देखने की अब क्या बन रहा है जो बन चुका है वह कैसा लग रहा है या फिर यूं ही मन करता है ना वहां जाने का जहां अब आप जाकर रहने वाले हो ! इस दौरान सोसाइटी के कई … Read more

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