एक और मौका – रेखा जैन
बारिश की बूंदे सड़क को भिगो रही थी। अस्पताल की दीवारों पर खामोशी पसरी थी। शाम से रोते रोते निकिता की आंखों में आंसू सुख चुके थे। वो आई सी यू के बाहर बैठी खामोश सी अपने ही विचारों में गुम थी। अंदर उसका पति अनिकेत जीवन और मौत के बीच जुझ रहा था। उसकी … Read more