वेलेंटाईन डे – विमला गुगलानी
ज्यों ज्यों चौदह फरवरी का दिन पास आ रहा था महक मन ही मन और भी महकती जा रही थी। सादा लिबास पहनने वाली को अब कुछ सजना संवरना भी आ गया था। कालिज की पढ़ाई का आखरी साल था।पांच साल पहले गांव से पढ़ने के लिए शहर आना जैसे सपने जैसा था। अच्छे खाते … Read more