असहाय नहीं हूं मैं – नीलम गुप्ता
वह मेरे घर में साफ सफाई का काम करती थी ।लंबी छरहरी ,गोरा रंग ,किसी दिन अच्छी सी साड़ी पहन कर आती तो लगता किसी संभ्रांत घर की बहू बेटी है । तीन बेटे हैं उसके बड़े दोनों तो 22 और 24 साल के हैं दोनों पढ़ लिखकर नौकरी पर लग गए हैं ।छोटा अभी … Read more