मां की कीमत – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बेवकूफ औरत.. मन में तो आता है अभी तेरे गालों पर दो थप्पड़ लगा दूं किंतु मेरी मां ने मुझे किसी औरत पर हाथ उठाने के संस्कार भी तो नहीं दिए किंतु तेरी जैसी घटिया औरत अगर घर में हो तो एक बार तो भगवान भी शर्मा जाए, तू एक बेटे से अपनी मां को  … Read more

वक्त से डरो – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

देवकी जी का बड़े बेटे सूरज पर  कुछ ज्यादा ही स्नेह बरसता था। वह जब भी कुछ मीठा बनाती, तो सूरज के पसंद का ही मीठा बनाती थी ।यहां तक की कोई खाने की वस्तु भी होती, तो अपने बड़े बेटे सूरज को थोड़ा ज्यादा देती ।  अक्सर शर्मा जी अपनी पत्नी देवकी से बोल … Read more

वक्त से डरो – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

बात करोना काल की थी। कोरोना अपने उग्र रूप में था। हॉस्पिटलों में जगह ही नहीं मिल रही थी। वहीं हॉस्पिटल के बाहर खड़ा राजन दिखने में तो शांत लग रहा था लेकिन अंदर ही अंदर उसे बहुत कुछ कचोट रहा था। उसके इकलौते बेटे पवन को आज सुबह से ही सांस लेने में तकलीफ … Read more

“जब वक्त ने आईना दिखाया” – रेखा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

सुनंदा एक पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर महिला थी। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षक थी। उसका विवाह एक मध्यमवर्गीय, परंपरागत सोच रखने वाले परिवार में हुआ था। पति विवेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, स्वभाव से सीधे-सादे और मां के बहुत आज्ञाकारी। सास, शोभा देवी, पुराने जमाने की थीं, जहां बहू को सिर्फ चुप रहना, सेवा करना और … Read more

राखी का धोखा – सुनीता मौर्या “सुप्रिया” : Moral Stories in Hindi

सुबह के चार बज रहे थे कोई  दरवाजे  की सांकल जोर जोर से किवाड़ पर मार रहा था। ऐसा लग रहा था कि किवाड़ ही तोड़ डालेगा। सुमित्रा नींद से उठी उसे समझ नहीं आ रहा था, इतनी सुबह कौन आया और इतना बेसब्री से किवाड़ कौन  पीट रहा है। उसने पूछा,” कौन है?” दरवाजेके … Read more

रीना की ममता – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रीना की शादी तीस साल पहले एक ऐसे घर में हुई, जहां उसकी विधवा सास और पांच छोटे छोटे देवर-ननदें थीं। उसका पति सबसे बड़ा था। रीना बेहद दयालु और ममतामयी थी। सास हमेशा बीमार रहती थीं। रीना ने उनकी भरपूर सेवा की और सब बच्चों को अपनी संतान की तरह पाला। सास हमेशा उसे … Read more

वक़्त से डरो –  गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

किसी समय राजा-महाराजाओं जैसी शान रखने वाले गाँव के ज़मींदार व्यापारी सज्जन कुमार आज खाट पर पड़े पड़े मृत्यु का इंतज़ार कर रहे हैं । उनकी सेवा-सुश्रुभा करने वाले नौकर-चाकर भी परेशान हो गए हैं और कुड़ कुड़ कर देखभाल के नाम पर बस रसमअ दायगी करते हैं । “कब तलक गोड़ रगड़ेगो सज्जना अब … Read more

बहू के मायके से आए लडडू !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

सुनीता जी ने पुरी रसोई छान मारी मगर उन्हें कहीं बेसन का डिब्बा नजर नहीं आया , उनके पति मुकेश जी को बारिश के मौसम में पकोडे खाने का बहुत मन कर रहा था , वे बाहर बरामदे में बैठे पकोड़ो और चाय का इंतजार कर रहे थे !! सुनीता जी को याद आया कि … Read more

“कर्मा लौट कर आते हैं।” – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

सुबह की हल्की धूप में, मालती जी सब्ज़ी खरीदने निकली थीं। घर के कामों की जल्दी, फोन पर बेटी की कॉलेज फीस की चिंता, और पास वाले प्लंबर की बकाया रकम का हिसाब — सब एक साथ दिमाग में घूम रहा था। वो हड़बड़ाहट में सब्ज़ी वाले को पैसे देकर आगे बढ़ गईं। दोपहर में … Read more

वक्त से डरो – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

अरे! क्या हुआ इतनी रात में लगभग चार-पांच दोस्त रमेश को लेकर घर आए …देवकी डर गई मेरे पति को क्या हो गया है?  रमेश कभी किसी की बात नहीं सुनता था बहुत जिद्दी प्रवृत्ति का था।  देवकी कई बार उसे सचेत कर रही थी कि तुम वक्त से डरो !अपने ऊपर ध्यान दो अपने … Read more

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