समय का फेर‌ – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  ‘हैलो ! नमस्ते आंटी जी ! कैसी हैं आप ?  ‘हम सब तो ठीक हैं बेटा ! आप अपनी सुनाओ ! काम ठीक चल रहा है न आपका ? कुछ और ग्राहक बढ़े या नहीं ?’    ‘हां जी आंटी ! काम तो बढ़ा, लेकिन…खैर छोड़िए ! आपका सफर कैसा रहा ? यहां तो खूब बारिशें … Read more

आदमी को चाहिए वक्त से डर कर रहे ।

उत्तर प्रदेश के गांव में रामचरण जी अपने परिवार के साथ रहते थे । उनके खेतों में काम अच्छा चलता था । बहुत अच्छी खेती थी । मानों जमीन खेत खलियान सोना चांदी उगल रही हो । उनके खेतों का अनाज घर के अलावा बाजारों में बिकता था । घर में किसी तरह की कमी … Read more

पच्चीस साल बाद कैसी उम्मीद ……

आज स्कूल में सजावट देख गिरधारी लाल जी के कदम चलते – चलते रुक गये। तब उन्हें लगा कि कोई त्योहार भी नहीं है, पता नहीं ना जाने काहे फूलों से गेट सज रहा है, तब वहाँ के चौकीदार से उत्सुकता वश पूछा -क्यों भैया ना पंद्रह अगस्त है, ना ही छब्बीस जनवरी आ रही … Read more

वक्त कब पलट जाये कोई नही जानता – संगीता अग्रवाल

अभी उसे इस ऑफिस मे आये कुछ ही हफ्ते हुए थे कि उसके अनेकों नाम रख दिये गये कोई उसे पत्थर दिल बोलता कोई , हार्टलेस तो कोई घमंडी । कहने को वो बहुत बड़ी पोस्ट पर था उसके अधीन कई कर्मचारी थे पर शायद ही कोई कर्मचारी उसे पसंद करता हो । उसके चेहरे … Read more

“वक्त से डरो” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

राखी ने जैसे ही डोर बेल बजने पर दरवाजा खोला तो सामने अपने जेठ जेठानी अनुराग और सुमेधा को देखकर चौंक गई अनुराग को देखकर लग रहा था जैसे कब से बीमार हो वह बिना कुछ कहे दरवाजे से हट गई तो वे दोनों अंदर आकर बैठ गए और बिना किसी भूमिका के उससे माफी … Read more

समय की मार – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” माँ, मैं चलती हूँ…।” कहते हुए नीता ने कंधे पर अपना हैंडबैग टाँगा और बाहर निकल गई।विमला जी उसे जाते हुए देख रहीं थीं तभी उन्होंने देखा कि मोहल्ले के कुछ लड़के नीता को देखकर गाना गाने लगे,” ओ नीले दुपट्टे वाली..अपना नाम तो बता..।” उनका जी तो किया कि अभी जाकर उन लड़कों … Read more

वक्त से डरो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

हिमाँशु ….. पवन का दोस्त है… दोनों साथ-साथ पढ़ते थे । पढ़ाई खत्म होते ही हिमांशु को बैंक में नौकरी मिल गई थी । उसके माता-पिता बचपन में ही गुजर गए थे …. उसकी एक छोटी बहन सुमन है …जो डिग्री कॉलेज में पढ़ रही थी …… वे दोनों मामा के घर में रहते थे … Read more

बेटे की मां हूं, दहेज तो लूंगी – अर्चना खण्डेलवाल :  Moral Stories in Hindi

मुझे लड़की तो पसंद है, लेकिन लड़की वाले कितना दहेज देंगे, और सोने के जेवर में क्या चढ़ायेंगे? एक ही बेटा है मेरा, जब तक मनचाहा दहेज नहीं मिलेगा, मैं यश की शादी नहीं करूंगी, अहंकार से वनिता जी ने फोन पर कहा तो उधर से किरण दीदी ने फोन रख दिया। अरे!! किसका फोन … Read more

अपनी बेटी का दुख -गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi  

रसोई घर में झूठे बर्तनों के ढेर के आगे शुभांगी को आज मां की बहुत याद आ रही थी।आज अगर उसकी मां होती तो क्या उसकी तबीयत खराब होने पर भी उससे घर के काम करवाती।सास और मां में फर्क तो होता है ना..अगर सास भी मां बन जाए तो मां को कौन याद करे..यही … Read more

वक्त से डरो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

हिमाँशु ….. पवन का दोस्त है… दोनों साथ-साथ पढ़ते थे । पढ़ाई खत्म होते ही हिमांशु को बैंक में नौकरी मिल गई थी । उसके माता-पिता बचपन में ही गुजर गए थे …. उसकी एक छोटी बहन सुमन है …जो डिग्री कॉलेज में पढ़ रही थी …… वे दोनों मामा के घर में रहते थे … Read more

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