समय का फेर – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi
‘हैलो ! नमस्ते आंटी जी ! कैसी हैं आप ? ‘हम सब तो ठीक हैं बेटा ! आप अपनी सुनाओ ! काम ठीक चल रहा है न आपका ? कुछ और ग्राहक बढ़े या नहीं ?’ ‘हां जी आंटी ! काम तो बढ़ा, लेकिन…खैर छोड़िए ! आपका सफर कैसा रहा ? यहां तो खूब बारिशें … Read more