आपे से बाहर होना – लक्ष्मी त्यागी

सलोनी मध्यवर्गीय परिवार से थी , उसने अपने माता-पिता को बचपन से ही संघर्ष करते देखा था। वह भी उनका हाथ बटा देना चाहती थी। किसी तरह उसने स्नातक की परीक्षा दी और नौकरी करने लगी। ऐसा नहीं कि सलोनी शांत स्वभाव की थी बल्कि उसने अपने जीवन में,अपने आपको,छोटे बहन -भाई को छोटी-छोटी जरूरत … Read more

आपे से बाहर होना – निमिषा गोस्वामी

शालू ऊ ऊ ऊ ऊ तुमने इन बच्चों को मेरे कमरे में कैसे आने दिया। निकालो इन्हें बाहर।सारा कमरा बिखरा दिया। वैभव अपने कमरे को बिखरा हुआ देखकर आपे से बाहर हो गया। वह ज़ोर से अपनी बीवी पर चिल्ला रहा था। शालू किचन में चाय बना रही थी। गैस बंद कर घबड़ाकर भागी।क्या हुआ … Read more

ताना – विनीता महक गोण्डवी

अरे देखो देखो कितनी निर्लज्ज है। अभी ससुर को मरे हुए कुछ ही दिन हुए हैं और कैसे बाहर घूम रही है। कुछ दिन से देख रहे हैं कि संतलाल भईया की बहू के सिर पर पल्ला भी नहीं रहता ।न जाने गाड़ी में पुरुषों के साथ कहां कहां जाती हैं। कभी सुबह कभी शाम … Read more

नज़र का चश्मा – शुभ्रा बैनर्जी

“अरे वाह!बहन जी,आपने तो कमाल कर दिया।अपने इकलौते बेटे के लिए ऐसी बहू चुनकर लाईं हैं,कि बुढ़ापा तर जाएगा आपका।दिखती तो बड़ी भोली हैं आप,पर बहू के मामले में आपने बाजी मार ली।अरे ,हमने भी ऐसी ही बहू के सपने देखे थे,पर क्या करें?सब किस्मत की बात है।”  सुमित्रा जी को अपनी बेटी की सास … Read more

आखों में धूल झोंकना – डोली पाठक 

मशीन की गड़गड़ाहट के बीच एक मरियल सी आवाज सुन कर प्रताप ने जब नजरें उठा कर देखा तो सामने एक दुबला-पतला सा कोई बाईस तेईस साल का लड़का खड़ा था… प्रताप ने मशीन बंद किया और उस लड़के की तरफ मुखातिब होकर बोला – हां बोलो क्या चाहिए???  जी मेरा नाम लखन है आपने … Read more

अपना नुक्सान करना – विमला गुगलानी

 घंटी बजते ही मनीषा मैडम ने पर्स और रजिस्टर उठाया और क्लास रूम से बाहर निकल गई। दसवीं क्लास का साईंस का पीरियड खत्म होते ही आधी छुट्टी की घंटी भी बज जाती है। तीस मिंट की छुट्टी में अध्यापक, बच्चे सब खाना वगैरह खाते है, कुछ बच्चे खेलते हैं तो कुछ उस समय अपना … Read more

आंखों में धूल झोंकना – लक्ष्मी त्यागी :  Moral Stories in Hindi

 मालिनी’ और ‘शहनाज’ दोनों अच्छी दोस्त थी, दोनों साथ-साथ पढ़ती थीं, एक ही क्लास में थीं , उनकी दोस्ती कॉलिज में एक मिसाल थी। सभी उनकी दोस्ती की प्रशंसा करते थे, कॉलेज में ”दो सखियों” के नाम से, प्रसिद्ध थीं। दोनों में जीवन भर, दोस्ती निभाने का वादा किया था। दोनों की शिक्षा पूर्ण होने … Read more

झूठा जाल – ज्योति आहूजा :  Moral Stories in Hindi

सुबह की चाय के बाद नीलिमा रोज़मर्रा के कामों में लगी ही थी कि अचानक दरवाज़े की घंटी बजी। बाहर खड़े थे एक आदमी और एक औरत। उनके हाथों में कई बोतलें और पैकेट थे। चेहरे पर मुस्कान और आवाज़ में इतना भरोसा कि कोई भी तुरंत प्रभावित हो जाए। “मैडम, ये देखिए नया फ्लोर … Read more

आंखों में धूल झोंकना – गीतू महाजन :  Moral Stories in Hindi

मां के लिए नया मिक्सर ग्राइंडर..पिता के लिए नई कमीज़ और छोटे भाई बहनों के लिए तोहफे देखकर देवांग के पिताजी का माथा ठनका और उन्होंने उससे पूछ लिया,”क्या तुम्हारी तनख्वाह इस बार जल्दी मिल गई है जो यह सामान ले आए हो..अभी पहली तारीख आने में तो 10 दिन बाकी हैं”।  “नहीं पिताजी, मेरे … Read more

आंखों में धूल झोंकना – खुशी : Moral Stories in Hindi

ये कहानी नहीं एक सच्ची घटना है जो मैं आप लोगों के साथ साझा कर रही हूं।कहानी के माध्यम से अनिल जी का अपना व्यापार था वो तेल ,गुलाब जल और पेट्रोलियम जेली बनाते थे।उनका कारोबार बहुत अच्छा चल रहा था।दिल्ली के ख।री बावली वो जाते थे अपना सामान खरीदने वही पास की मार्केट में … Read more

error: Content is protected !!