जरा देखो हम कहां से कहां आ गए – मंजू तिवारी   : Moral Stories in Hindi

जरा देखो हम कहां से कहां आ गए…. आलू की टिक्की खाने वाले बर्गर पर आ गए  कानों को झरनाहट देने वाली पानी पूरी छोड़ हनी चिली पोटैटो पर आ गए  जरा देखो हम कहां से कहां आ गए  दही बड़े के दीवाने अब मोमोज पर आ गए  मां के हाथ की सिमरिया छोड़ चाऊमीन … Read more

अपना घर अपना घर ही होता है – रिया जैन   : Moral Stories in Hindi

घर, सिर्फ एक भवन नहीं होता; यह वो जगह होती है जहां व्यक्ति खुद को सबसे सुरक्षित और स्नेहभरी भावना से घिरा पाता है। इसका वास्तविक मतलब तब समझ में आता है जब हम घर से दूर होते हैं। मेरा अनुभव भी कुछ ऐसा ही था जब मैं उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहर चली … Read more

लव मैरिज – नीलम नारंग : Moral Stories in Hindi

मां बेटी में अकसर ही बहस चलती रहती थी। कभी-कभी यह बहस लड़ाई का मुद्दा भी बन जाती थी और मां बेटी में अबोला भी हो जाता था। सलमा नहीं चाहती थी  कि वो अपने  ममेरे  भाई से शादी करे। उसे शोएब कभी से ही पसंद नहीं था , दूसरी बात वह कोई काम भी … Read more

बेटी अब से ससुराल ही तेरा घर है…. – सबीहा परवीन ” सबीह” : Moral Stories in Hindi

श्रद्धा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। सबसे ज्यादा लाडली, समझदार और संस्कारो से भरी पूरी थी। श्रद्धा की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और वो पिछले एक साल से किसी प्राइवेट स्कूल में जॉब कर रही थी। बाकी की दोनों बहने पढ़ाई कर रही थी। श्रद्धा की पढ़ाई हो चुकी थी इसलिए माता पिता … Read more

गाजर मूली समझना – प्रतिभा भारद्वाज ’प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“अब क्या हुआ, अब क्यों रो रहे हो आप…निकाल लीजिए अपने बेटे के सभी अंग और बेच दीजिए अच्छी कीमतों पर…. आप तो बहुत होशियार सर्जन हैं…..कोई तकलीफ भी नहीं होगी आपको…. “अपने 10 वर्षीय बेटे के शव पर विलाप करती मधु चीख चीखकर अपने पति डॉ. मयंक से कह रही थी। उसका इकलौता बेटा … Read more

नींव घर की – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शोभा शाम को सब्जी खरीदने के लिए बाजार गई होती है तभी उसकी मुलाकात उसकी एक पुरानी सहेली से होती है। दोनों सहेलियां बड़ी गर्म जोशी के साथ मिलती हैं। लगभग 10 साल हो गए होंगे, दोनों को एक दूसरे के बिना देखे हुए लेकिन देखते ही दोनों तुरंत पहचान लेती है। उसकी सहेली कोमल … Read more

काश ! अपने व्यवहार के लिए एक बार तो सोचा होता – चंचल : Moral Stories in Hindi

आज फिर से रमा पुरानी यादों में खुद को ना चाहते हुए भी ले गई । बहुत कोशिशें की थी उसने अपने रिश्तों को बचाने की लेकिन नहीं बचा सकी । नई नई दुल्हन बन के आई थी और बड़े अरमानों से गृह प्रवेश किया था । चारों तरफ खुशनुमा माहौल था । अवंतिका जी … Read more

सास का मयका- आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

“अरे दीदी आ भी जाओ रज्जो आई हैं बार बार पुछ रही थी, बुआ कब आयेगी कितने दिन उनसे मिलना नही हुआ “माँ फोन पर बुआ से बात कर रही थी। रज्जो गर्मियो की छुट्टियो मे आई थी बुआ की प्यारी हैं रज्जो एक उम्र के बाद रज्जो बुआ की सहेली बन गई थी बुआ … Read more

बस यही एक पल है – कल किसने देखा है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

हर साल गर्मी की छुट्टियों में हम बच्चों के साथ कहीं ना कहीं घूमने जाते थे और इस बार  हमने शिमला जाने का प्लान बनाया।  शिमला का नाम आते ही मुझे याद आया कि वहां मेरी कॉलेज की बेस्ट फ्रेंड सुहानी भी रहती है।  मैंने अपने पति से कहा,  “हम शिमला जाएंगे तो  तो मैं … Read more

फैसला-गीतांजलि भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

आज भी तुम कुछ नहीं बोलोगे।मेरे साथ अगर तुम ही मेरे हमसफर होते हुए भी ऐसे धोखा दोगे तो फिर मैं किस पे भरोसा करूंगी।                                       आज भी याद है मुझे जब शादी कर के आई थी। … Read more

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