बोझ – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

जब सिन्दूर पडेगा ना मेरी बिटिया के माथे पर तो कितना चेहरा मे रौनक आयेगी यह तुम्हे नही पता, बेकार मे चिंता करती हैं वह लोग भी अच्छे नही थी देखना उससे भी अच्छे रिश्ते आयेंगे दादी न जाने कितनी ही बाते बडबडा रही थी माँ चूल्हे मे रोटियाँ सेंक रही थी जो कभी जल … Read more

गरबा और कजरी का लहंगा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   दुर्गा पूजा के समय साफ सफाई का दौर….. लगे हाथों आस्था आलमारी भी व्यवस्थित करने की सोची …..आंटी जी इसमें क्या है…? आलमारी जमाते वक्त सहायता करने वाली ( कामवाली बाई की बेटी ) कजरी ने पूछा….।     लहंगा है बेटा , दीदी का है ….इस लहंगे की भी अपनी एक कहानी है… आस्था बोले जा … Read more

पटरी वाली शॉपिंग – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” बहू तुम अभी तक तैयार नहीं हुई!! जल्दी करो, बाजार में बहुत भीड़ रहती है इस समय। बहुत सी खरीदारी करनी है आज – दीये, गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, कपड़े,सजावट का सामान….” ” हां मम्मी जी… लेकिन आजकल बेकार में इतना घूमने की क्या जरूरत है? सबकुछ तो आनलाइन मिल जाता है आजकल.. नहीं … Read more

जिम्मेदारीकभी खत्म नहीं होती – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीना जी काम काजी महिला थी स्कूलमे पढ़ना फिर घर आकर ट्यूशन पढ़ाने बैठ जाना । उनके पति का काम ऐसा ही था चला चला ना चला वो गुस्से के भी  तेज थे  जब देखो रीना जी की बेजती करते । उनके दो बेटे थे जो अपनी मां को मेहनत करते देखते इसलिए लगन से … Read more

दीवार – गिरिजाशंकर केजरीवाल। : Moral Stories in Hindi

सास और बहू में बनती नहीं थी। मर्यादा में जीने वाली सास को बहू का ज्यादा आधुनिकपना कम पसँद था तो बहू को सास का बार-बार टोकना परेशान करता था। एकदिन दोपहर बहू अकेली बैठी थी तो सास ने उसके पास आकर कहा-” बहू! मैं जानती हूँ कि मेरा टोकना तुझे पसन्द नहीं। लेकिन एकबात … Read more

रिश्तों मे बढ़ती दूरियां – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मेरी शादी को १० साल हो गए थे  | हर साल कोई भी तीज त्यौहार हो मायके से मेरे लिए सब कुछ आता था |कई बार मैं फोन करके अपने भाई भाभी या मां को बोल देती कि, आपने जो साड़ी भेजा उसका रंग मुझे अच्छा नही लगा | या आपने मेरे पसंद की मिठाई … Read more

नाराजगी – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

माँ आपको मामा मामी बार बार फोन कर रहे हैं आप उठाती क्यूं नही?मेरे फोन पर मामा का फोन आया हैं बात करो! हाँ हल्लौ सब ठीक तो हैं न जीजी कोई बात हो गया क्या! आप फोन नही उठा रही ,आप आ तो रही हैं न इस बार पूजा मे! माँ ने बडे ही … Read more

“सिर्फ बहू से बेटी बनने की उम्मीद क्यों – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

बहू सुन रही हो , खाना बना की नही? जल्दी काम खतम करो सब लोग आते होंगे | जी मम्मी सब काम हो गया है  | आज घर में मम्मी जी की  किटी पार्टी थी | इस लिए मम्मी जी कुछ ज्यादा ही खुश थी | सब लोग आ गए थे | फिर क्या था … Read more

हर कन्या माता का रूप – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मां जल्दी बाहर आईए, देखिए मैं किन्हें साथ लेकर आया हूं, बंटी की आवाज सुनकर मां बाहर दौड़ी हुई आई और देखा 12 साल के बंटी के  साथ में 8-10 छोटी-छोटी गरीब घरों की लड़कियां थी, अरे.. इन्हें कहां से उठा लाया, मैंने तुझे कन्याओं को लाने को कहा था और तू नीचे बस्ती में … Read more

अम्मा – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अम्मा मुस्कुरा रही है पर इसकी मुस्कुराहट के पीछे कई दर्द छिपे हुए हैं क्या? समझ सब रहे हैं पर मौन है। पहल कौन करे जो करे वही लेक्चर सुनने को तैयार रहे फिर तो अम्मा एक न सुनेगी आगा पीछा ऊपर नीचे सब बैठा कर घंटों सुनायेगी इतना कि सारी सिट्टी पिट्टी गुम हो … Read more

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