सम्मान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   ” अरे सतीश…तुम क्यों उस बिचारे की पिटाई कर रहे हो..बात-बात पर अपनी #बाँह चढ़ा लेने की तुम्हारी आदत अभी तक गई नहीं है..चलो यहाँ से..।” सतीश का हाथ पकड़कर खींचते हुए नवीन उसे भीड़ से बाहर आ गया।सतीश गुस्से-से बोला,” तू मुझे क्यों ले आया… मैं तो मार-मारकर उसकी हड्डी-पसली एक कर देता।”     ” … Read more

आखिरी फैसला – खुशी : Moral Stories in Hindi

रती एक सर्वगुण सम्पन्न बहु,पत्नी और दो बच्चो की मां थी।उसके पति राजेश एक बिजनेस मैंन थे ।दो बच्चे विशाल और मेघा दसवीं और बारवीं में पढ़ते थे।दोनो पढ़ने में जहीन थे। कुल मिलाकर एक सुखी परिवार था। दुनिया के लिए सुखी परिवार था परंतु रती की घर में कोई इज्जत नहीं थी पति राजेश … Read more

कुछ करिए – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

नहीं मैने नहीं फेंका यह कचरा मुझे क्या पता किसने फेका है क्या मैं किसी खोजी विभाग में नौकरी करता हूं.. आप लोग भी ज्यादा करमचंद जासूस बनने की कोशिश मत कीजिए वरना मुझसे बुरा कोई ना होगा कहे देता हूं… हमेशा की तरह बांह चढ़ाता शिवदयाल सबको परास्त किए दे रहा था। मॉर्निंग वॉक … Read more

भाग्यहीन – खुशी : Moral Stories in Hindi

नंदिनी एक भरेपूरे परिवार की लड़की थी। दो भाई भाभियां मां पिताजी भतीजा भतीजी सबकी लाडली ।देखने में भी सुंदर पढ़ी लिखी पर लाड प्यार के कारण जिद्दी घर का कुछ काम भी ना करती भाभियां कहती लाडो कुछ सीख लो कुछ काम आएगा।मां समझाती कुछ काम किया करो । पर भाई कहते अरे हम … Read more

रिश्तों पर जमीं बर्फ – मीरा सिंह : Moral Stories in Hindi

आठवाँ महीना शुरू होने पर महिमा आज डाक्टर के पास दिखाने आई । इधर कुछ दिनो से उसका वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा था । रोज दो किलो वजन को बढ़ता देख रंजन ने देर ना की और उसे शहर के अस्पताल ले आया । लेडी डाक्टर ने जाँच पड़ताल कर कहा , ” … Read more

“!!!! वंश !!!!” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” अरे राहुल कहाँ जा रहा है भाभीजी को लेकर इस समय !” देवेन ने अपने दोस्त को रोकते हुए पूछा । ” अरे यार एक डॉक्टर का पता लगा है जो गर्भ मे बच्चे की जांच करती है और अगर कुछ इधर उधर हो तो गर्भपात भी कर देती है तो बस तेरी भाभी … Read more

मैं तो बस मां की इच्छा बता रही हूं। – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

शकुन्तला जी बिलकुल जीर्णावस्था में आ चुकी थीं । सभी ने उनके बचने की उम्मीद छोड़ दी थी । बस अब किसी भी वक्त भगवान के घर से उनका बुलावा आ सकता था । उनके दोनों बेटे, बहुएं और पोता पोती सब आखिरी वक्त उनकी सेवा में लगे थे। उनकी बेटी अंकिता भी अपनी माँ … Read more

“दूसरा सूरज” -: Moral Stories in Hindi

किरण देवी अपने जीवनसाथी की मृत्यु के बाद गहरे अकेलेपन में जी रही थीं। उनका बेटा और बहू विदेश में थे और अपनी व्यस्त जिंदगी में उलझे हुए थे। उन्होंने किरण को इस वृद्धाश्रम में रहने के लिए कहा ताकि वह अपने हमउम्र लोगों के साथ समय बिता सकें। यह वृद्धाश्रम अन्य वृद्धाश्रमों से अलग … Read more

बालभोज – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बालदिवस है कुछ खास करो वरिष्ठ शिक्षक रामप्रसाद जी ने बालदिवस आयोजन की मीटिंग शुरू होते ही उपस्थित छात्र प्रतिनिधियों की तरफ देखते हुए कहा। जी सर … वो …हम लोग भोज का आयोजन करना चाहते हैं जिसे हम बच्चे ही बनाएंगे छात्र प्रतिनिधि रोहित ने जल्दी से अपनी बात रखी। बहुत बढ़िया प्रस्ताव है … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रितु और मीतू दो बहने थी | दोनो की एक ही घर में शादी हुई थी | रितु बहुत खुश रहती थी ,लेकिन मीतू बहुत दुखी  रहती थी |दोनो अपनी मम्मी से मिलने आई थी | मीतू ने बहुत सारी शिकायत अपने सास  की ,अपने मम्मी से  किया | और बोला मम्मी, सास हमको बिल्कुल … Read more

error: Content is protected !!