अपना सा मुंह लेकर रह जाना – डा. शुभ्रा वार्ष्णेय : Moral Stories in Hindi

शहर की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में साक्षी, एक सफल कॉर्पोरेट प्रोफेशनल, हमेशा अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटती रहती थी। उसे लगता था कि दूसरों की सफलता केवल दिखावा है, असली प्रतिभा तो बस उसी में है। एक दिन उसे अपनी पुरानी सहपाठी अदिति का सोशल मीडिया प्रोफाइल दिखा। अदिति ने अपने छोटे से बुटीक की … Read more

समझदार सास – दमयंती पाठक : Moral Stories in Hindi

मुंबई के एक पॉश निधि और उनकी सास अनुराधा जी रहती हैं। अनुराधा का मनाना था कि जमाना बदल रहा है और हमें भी जमाने के साथ खुद को बदलना चाहिए। अनुराधा जी ने बेटे की शादी धूम धाम से की। प्यारी सी बहु निधि घर आई।। निधि एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती थी … Read more

भाभी – उषा विजय शिशिर भेरूंदा : Moral Stories in Hindi

असमय सुयश की आवाज से सुरेखा चौंक गई। आटे से हाथों से दरवाजा खोला, आज ऑफिस से जल्दी कैसे।  सुयश कहने लगे पहले एक गिलास पानी पिलाओ फिर मेरे पास आकर बैठो। सुरेखा ने घबराहट में जल्दी-जल्दी हाथ धोकर पानी का गिलास सुयश को देकर जल्दी आने का कारण पूछा  सुरेखा शाम 4:00 बजे बड़े … Read more

*उड़ी चेहरे की रौनक* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 सुन रामदीन,देख तू अपना दोस्त है,इसलिये तुझे आगाह करूँ हूँ, तू अपनी छोरी को संभाल।      क्यूँ क्या हुआ रौनक?मेरी कमली ने ऐसा क्या कर दिया है?       अरे, वो अपने मुंशी जी हैं ना,उसके बेटे से वह नैन मटक्का कर रही है।      गलत,मेरी कमली ऐसा कर ही नही सकती,अरे उसे तो अपनी पढ़ाई से ही फुरसत … Read more

मैं तुम्हारी माँ के बंधन मे और नहीं रह सकती – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi

  “मैं तुम्हारी माँ के बंधन मे और नहीं रह सकती …मुझे अलग घर चाहिए जहाँ मैं खुल के साँस ले सकूँ”,पलक रवि को देखते ही ज़ोर से चिल्ला उठी। बात बस इतनी थी कि सुलभा ने रवि और पलक को पार्टी मे जाता देख कर इतना कहा था कि वो रात दस बजे तक घर … Read more

माँ का अपमान – वर्तिका दुबे : Moral Stories in Hindi

आज तो हद हो गई…आज जो कुछ भी घर में हुआ मेरी सहनशक्ति अब समाप्त हो गई है.. अर्पिता रोते हुए सोच रही थी,…अभी तक तो उसके पति और सास-ससुर ने ही उसके अपमान का जिम्मा ले रखा था.. आज तो उसके जेठ भी शुरु हो गए ।अर्पिता एक शिक्षित एवं समझदार स्त्री है..उसकी शादी … Read more

एक यशोदा ऐसी भी – मधु जैन : Moral Stories in Hindi

रानो की टोली ताली बजाते हुए गेट के अंदर आकर जोर से आवाज लगाते हुए “लाओ अम्मा लालन की बधाई।” और ढोलक की तान पर यशोदा के घर लालन भयो गाने पर ठुमके लगाने लगी। अम्मा नवजात शिशु को कपड़े में लपेटकर, “ले संभाल इसे, तुम्हारी ही जात का है। ले जाओ यहाँ से।” तभी … Read more

बहु चाहे जितना भी कर ले …. वो बेटी नहीं बन सकती – सिफा खान : Moral Stories in Hindi

रामप्रकाश जी के घर का आँगन हमेशा खुशियों से गूंजता था। उनकी पत्नी, कमला, घर की लक्ष्मी थीं और उनकी बेटी सिया उनकी आँखों का तारा। सिया की शादी हो गई, और वह दूसरे शहर चली गई। घर सूना हो गया, लेकिन कुछ महीनों बाद उनके बेटे, रवि की शादी हुई और उनकी बहू, पूजा … Read more

नाम – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुनिये जी..हम कैसे लग रहें हैं…हमारी वजह से शैलेश का मज़ाक तो नहीं होगा ना….।” शीशे में खुद को निहारकर अपनी साड़ी का पल्ला ठीक करती हुई सुनंदा जी अपने पति श्रीकांत बाबू से पूछी तो वो हा-हा करके हँसने लगे…फिर उनके कंधे पर अपने दोनों हाथ रखते हुए बोले,” अब इस उम्र में … Read more

बांह चढ़ाना – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“अरे अमन! आज लंच नहीं करना है क्या?” “लगता है आज घर से बहुत खा कर आया है!” “हां हां, कुंभकरण की तरह!” “इसलिए कुंभकरण की तरह घोड़े बेचकर सो रहा है!” अपने सहपाठियों की ये टिप्पणियां सुनकर अमन गुस्से में उठा और अपनी बांह चढ़ा ली। “मैं कुंभकरण हूं ना! अब दिखाता हूं तुम्हें … Read more

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