अंगारे उगलना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सोनम रोती हुई घर का सारा काम कर रही थी। तभी सासु माँ की नजर सोनम पे गयी ,बोली क्या मुँह लटका के काम करती हो, कितना अशुभ होता है ।घर की बहु दुखी हो के काम करे ।थोड़ा सा रोहित(सोनम का पति)ने बोल दिया, तुम तो तिल का ताड़ बना देती हो, चलो जल्दी … Read more

अंगारे उगलना – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

         ” भईया, मैं आज आपसे कुछ मांगने आई हूँ |” दीपा ने आलोक से कहा |         इतना सुनते हीं आलोक की पत्नी रेखा बोलने लगी -” अरे हमलोग तो खुद परेशान हैं और उपर से ये हमें और परेशान करने चली आई | कभी सुख – चैन, शांति से रहने नहीं देती हमें | हरदम … Read more

“अब और नहीं” – गीता अस्थाना : Moral Stories in Hindi

पितृ विहीना मयूरी शैशवास्था से ही अपनी मां के साथ ही चाचा लोगों के आश्रित हो गई थी। मां आर्थिक रूप से कमज़ोर थीं साथ ही सामाजिक अंध विश्वासों और मान्यताओं से ग्रसित थीं। पिता की मृत्यु के समय एकत्रित किसी करीबी रिश्तेदाए र ने कहा  “इस परिवार मे ऐसा ही होता है।जब कोई परिवार … Read more

अंगारे उगलना – निमीषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

मां आप कहां चली गई हो मुझे अकेला छोड़कर मौसी मां मुझे प्यार नहीं करती जब आप थी सब मुझे प्यार करते थे पापा भी और मौसी भी लेकिन जब से आप गई हो तब से सभी बदल गये है।मां सब कहते हैं कि आप भगवान के पास गई हो आप वापिस कब आओगी मुझे … Read more

अंगारे उगलना – महजबीन सिराज : Moral Stories in Hindi

सुनीता ज़ोर ज़ोर से उषा मासी पर चिल्ला रही थी। “तुमने मेरी 25000 की ड्रेस जला दी। कोई काम तुम्हें ठीक से नहीं आता। कभी देखी हो इतनी महंगी ड्रेस तो जानो ? ” सुनीता अभी  दो महीने पहले ही इस घर में बहू बन के आई थी। बड़े बाप की बिगड़ी बेटी थी।बहुत घमंडी … Read more

अंगारे उगलना – अनिता मंदिलवार “सपना ” : Moral Stories in Hindi

 राज और अंकिता के घर दूसरी बेटी ने जन्म लिया तो अंकिता की जेठानी प्रिया ने मुँह बनाते हुए कहा कि अब तो दो बेटियाँ आ गई अभी से दहेज जोड़ना शुरु कर दो । उस पर राज ने कहा कि बेटियाँ क्या बेटों से कम होती है भाभी ? प्रिया को अपने दो बेटों … Read more

मीठा बोलो- मिश्री घोलो – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

“ मैडम जी, प्लीज मेरा रूम बदल दें, मुझे संगीत के साथ नहीं रहना, सिर्फ नाम की संगीत है, एक भी सुर  सीधा नहीं निकलता”।वेदा ने कालिज आफिस में आकर कहा      “ क्यों क्या हो गया, हरलीन मैडम ने चशमा उपर करते हुए कहा”।      मैडम संगीत और मैं रूम मेट है, अब एक कमरे में … Read more

चुभती बातों का जवाब मुस्कान – मधु पारीक : Moral Stories in Hindi

राजेश एक मध्यमवर्गीय परिवार का जिम्मेदार बेटा था। शहर में नौकरी करता था और महीने में एक बार गाँव अपने माता-पिता से मिलने आता। गाँव के माहौल में अपनापन तो था, लेकिन पड़ोस की चाची, मिसेज शर्मा, हर बात में टांग अड़ाने और जली-कटी सुनाने की उस्ताद थीं।   हर बार राजेश गाँव आता, तो चाची … Read more

अंगारे फूल बन जाएँगे.. – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

” कितनी भी कोशिश कर ले दीपा…तेरे बेटे का कुछ नहीं होने वाला..अंधा है..इसे तो जन्म के समय ही मार…।” ” बस कीजिए दीदी..जैसा भी है..मेरा बेटा है..मेरे शरीर का हिस्सा है..।” अपने छह साल के बेटे के लिए जेठानी मालती की जली-कटी बातें सुनकर दीपा तड़प उठी थी।वह मनु को लेकर कमरे में चली … Read more

अंगारे उगलना! – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

देख रहे हैं ,आज छोटी बिना किसी से कहे ,अपने पति को लेकर फ़िल्म देखने गयी है ,तन्वी ने अपने पति से शिकायत भरे लहज़े में कहा।  विनय ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया और चुपचाप अपने कमरे में चला गया पति के इस व्यवहार से वह बुरी तरह तिलमिला गयी। जब वो इस … Read more

error: Content is protected !!