आंसू पीकर रह जाना – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

अरे तन्वी निकल रही हूं मैं घर से और तेरे ही घर आ रही हूं। तु तो एक बार बुलाने लगती है,तो फिर रूकती ही नहीं है। बस मैं दो मिनट में तेरे घर पहुंच जाऊंगी । लगता है आंटी ने आज गरम-गरम समोसे बनाए हैं,इसीलिए तो तु मुझे इस तरह बुला रही है। वह … Read more

अब और नहीं – अंकिता सिंह : Moral Stories in Hindi

सपना एक समझदार, मेहनती लड़की थी। माँ के गुज़रने के बाद घर की सारी ज़िम्मेदारी उसी पर आ गई। घर के छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई, खाना, सिलाई—हर काम में वह निखरती गई, लेकिन खुद को पीछे छोड़ती गई। उसका सपना था एक दिन शिक्षिका बनने का, लेकिन हालातों ने उसकी ज़ुबान को चुप करा दिया। … Read more

तलाक – संगीता स्थाना : Moral Stories in Hindi

सीमा के परिवार वाले बेहद ख़ुश थे ।फाइनली सीमा को आजादी मिल गई थी —अपने पति से ।माँ के चेहरे पर शकून था जीत की अपार ख़ुशी थी ।उन्होंने अपने कामवाली को कड़क चाय बनाने को बोला —- “अरे नीता – कड़क चाय बना हम सब के लिए  मिठाई और नमकीन भी ले आना आज … Read more

कान भरना – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती घूमती है।” ” मूवी, कभी बाजार। थोडी बहुत लाज शरम है या नहीं।” ” गुडिया को दादी के भरोसे छोड जाती है। आप सब झेल लेती हो। अकेली पता नहीं कहां कहां भटकती है।” मीनू … Read more

पछतावा या छलावा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पहली ही नजर में तनुश्री भा गई थी सोमेश्वर जी को।बहू के रूप में ऐसी ही लड़की की कल्पना की थी उन्होंने।गए तो थे किसी दूसरी लड़की को देखने,पर उनके परिवार वालों का व्यवहार और लड़की की अति आधुनिकता उन्हें पसंद नहीं आई। लौटते हुए अपने भांजे के अनुरोध पर तनुश्री के घर पहुंचे थे … Read more

कान भरना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

रामायण के प्रमुख पात्र दशरथनन्दन श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी। पूरे अयोध्यावासी राम के राजा बनने की खुशी में नाच-गाकर उत्सव मना रहे थे।अगले दिन राज्याभिषेक की तैयारी में गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र अन्य पंडित -पुरोहितों के साथ विचारमग्न थे।राजा दशरथ और रानी कौशल्या अपने ज्येष्ठ पुत्र राम के राज्याभिषेक … Read more

कान भरना – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

रूही दीदी देखो सोनी ने आपकी बेग से नई पेन निकाल ली और दूसरी पुरानी पेन रख दी। यह सुनते ही सोनी तुरंत लगभग चीखते हुए आई और कहने लगी।   सोनी तुमने मेरी पेन क्यों ली?? तुम जानती हो मुझे यह सब पसंद नहीं है । मैं तो कभी भी तुम्हारी बेग से कुछ नहीं … Read more

कान भरना – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती घूमती है।” ” मूवी, कभी बाजार। थोडी बहुत लाज शरम है या नहीं।” ” गुडिया को दादी के भरोसे छोड जाती है। आप सब झेल लेती हो। अकेली पता नहीं कहां कहां भटकती है।” मीनू … Read more

चुगलखोरनी – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

— रीना सुबह से काम में लगी हुई थी। सबका चाय-नाश्ता बनाने के बाद जैसे ही वह निकली, देखा कि उसकी ननद सास के पास बैठकर धीरे-धीरे कुछ कह रही थी। रीना समझ गई थी, उसी का जिक्र हो रहा होगा। क्योंकि जब भी उसकी ननद ससुराल से आती है, अपनी मां का कान भरती … Read more

अपने काम से काम रखो – विमला गुगलानी :

“नमस्ते ममी, कैसी हो, क्या हाल है आपकी बहूरानी के, आ गए दोनों हनीमून से”           शिखा ने घर में घुसते ही मां से पूछा। “ हाँ, आ गए तेरे भैया भाभी, और आज दोनों काम पर भी गए, थके हुए तो थे, पंरतु छुट्टियां भी खत्म हो गई थी तो जाना ही पड़ा, एक अच्छी … Read more

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