बेटी की उड़ान – सीमा अग्रवाल ‘जागृति’
उस सुबह आसमान कुछ ज्यादा बोझिल था, जैसे बादल मेरे भीतर उठती बेचैनी को समझकर ही ठहर गए हों। घर के आँगन में एक अजीब-सी खामोशी पसरी हुई थी। माँ चौका-चूल्हा करते हुए भी किसी गहरी चिंता में खोई लग रही थीं। पिताजी चाय का कप हाथ में लिए बैठे थे, और उनकी आँखों में … Read more