मैं भी तो एक बेटी हूं – मंजू ओमर
मंशा जी भइया जा मम्मी के लिए पतली पतली सी खिचड़ी बना था , मंशा सुन ही नहीं रही थी वो तो बस फोन में ही लगी थी । मंशा तू सुन रही है कि नहीं भाई निखिल ने जोर से कहा। हां भईया सुन रही हूं । हां मैं इस घर की बेटी हूं … Read more