शारदा – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

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शारदा अक्सर सुबह जल्दी उठ जाती …स्नान करके तैयार हो जाती …फिर सूर्य को नमस्कार करती… पौधों में पानी देती… पंछियों के लिए पानी बदलती… यह सब उसके दैनिक कार्य थे… एक मध्यवर्गीय परिवार से आई शारदा, हमेशा अपनी साड़ी का पल्लू अपने सर पर रखती … उसका माथा कभी सूना नहीं रहा …छोटी सी … Read more

दामिनी – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 91

अरे दामिनी…. यह क्या… तुम घर के कपड़े ही पहन कर कीर्तन में आ गई???? तुम्हें पता है ना, शादी वाला घर है… कितनी चहल-पहल है… सब लोग कितने महंगे महंगे कपड़े पहन कर घूम रहे हैं ….और तुम साधारण कपड़े पहन कर यहां आ गई…. शांति काकी ने सभी के बीच दामिनी को यह … Read more

निस्वार्थ भाव – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 37

  घर चलो अजय, मां ने दोपहर का खाना तैयार करके रखा होगा… तुम भी खा लेना… नहीं तो फिर बाहर का खाना खाओगे और रोज बाहर का खाना हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता…. रवि ,तुम कब तक मुझे रोज यूं ही घर ले जाकर खाना खिलाते रहोगे??? अजय तुम ऐसा क्यों सोचते हो??? … Read more

संस्कार – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 96

जब हम दोनों भाई छोटे थे ,तो अक्सर पिता जी डांट कर, सजा देकर हमें हमारी गलती का एहसास करवा दिया करते थे और तब पिता जी की डांट से बेइजती महसूस नहीं होती थी… आज समय कितना बदल चुका है… पिताजी को हमसे जरा सी बात भी करनी होती है ,तो वह हमसे समय … Read more

जीवन भर के जख्मों पर भगवान ने एक साथ मरहम लगा दिया – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 89

जब मैं पहली बार दफ्तर में सुधा से मिला, तो वह बहुत साधारण सी साड़ी पहने हुए थी और जैसे जीवन की मुश्किलों से जूझती हुई इस बात का सबूत देना चाहती हो कि वह अपने बलबूते पर एक अच्छा जीवन जी सकती है…. मैं उसी दफ्तर में एकाउंट्स देखने का काम करता था…. मेरी … Read more

लाजवंती – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

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लाजवंती ,तुम्हारे लिए एक खुशखबरी है ….सत्तू का टेलीफोन आया था ,बंसी की दुकान पर… वह कल शहर से लौट रहा है… अपनी पढ़ाई पूरी करके … अरे ..शीतल जी… यह तो बहुत अच्छी बात है…. कब से इस दिन का इंतजार था कि हमारा सत्तू पहले की तरह हमारे साथ रहे ….बच्चों के बिना … Read more

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